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रायबरेली में अखिलेश यादव की ‘माधव-सुदामा’ वाली होर्डिंग चर्चा में, GIC मैदान के बाहर दिखा अलग अंदाज

रायबरेली GIC मैदान के बाहर अखिलेश यादव को माधव और विश्वास दुबे को सुदामा के रूप में दिखाती होर्डिंग

रायबरेली में अखिलेश यादव की ‘माधव-सुदामा’ वाली होर्डिंग चर्चा में, GIC मैदान के बाहर दिखा अलग अंदाज

रायबरेली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के रायबरेली दौरे से पहले शहर में राजनीतिक गतिविधियां तेज दिखाई दीं। उनके स्वागत को लेकर अलग-अलग स्थानों पर लगाए गए पोस्टर और होर्डिंग के बीच GIC मैदान के बाहर मौजूद एक बैनर ने खास तौर पर लोगों का ध्यान खींचा। इसकी वजह उसका संदेश ही नहीं, बल्कि उसमें इस्तेमाल किया गया धार्मिक-सांस्कृतिक चित्रण है।

इस होर्डिंग में अखिलेश यादव को भगवान कृष्ण के स्वरूप में ‘माधव’ के तौर पर दिखाया गया है। वहीं इसे लगवाने वाले सपा युवजन सभा के प्रदेश सचिव विश्वास दुबे को ‘सुदामा’ के रूप में प्रस्तुत किया गया है। 24 सितंबर को प्रकाशित ANI की रिपोर्ट में भी इस बैनर का उल्लेख किया गया है और इसे विश्वास दुबे की ओर से लगाया गया बताया गया है।

दौरे से पहले शहर में दिखे स्वागत संदेश

अखिलेश यादव का रायबरेली दौरा समाजवादी पार्टी की PDA रथ यात्रा से जुड़ा था। 24 सितंबर को उन्होंने रायबरेली से इस यात्रा की शुरुआत की। उनके कार्यक्रम को लेकर शहर में पहले से ही पार्टी कार्यकर्ताओं की गतिविधियां दिखाई दे रही थीं और कई जगहों पर स्वागत से जुड़े पोस्टर लगाए गए थे।

GIC मैदान भी इस पूरे कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र रहा। यहां अखिलेश यादव के कार्यक्रम को लेकर तैयारियां की गई थीं। ऐसे में मैदान के आसपास लगे राजनीतिक संदेश और होर्डिंग स्वाभाविक तौर पर चर्चा में रहे।

एक होर्डिंग ने क्यों खींचा ध्यान?

GIC मैदान के बाहर लगी होर्डिंग का डिजाइन सामान्य राजनीतिक पोस्टरों से अलग था। इसमें अखिलेश यादव को कृष्ण के पारंपरिक रूप में दिखाया गया है। तस्वीर में मुकुट, पीले वस्त्र और बांसुरी जैसे प्रतीकों का इस्तेमाल किया गया है। दूसरी ओर विश्वास दुबे को सुदामा के रूप में दिखाया गया है।

बैनर पर अखिलेश यादव को ‘माधव’ संबोधित करते हुए स्वागत संदेश दिया गया है। ANI के अनुसार, पोस्टर में उन्हें ‘PDA महानायक’ भी बताया गया है।

इस प्रस्तुति ने राजनीतिक स्वागत को धार्मिक-सांस्कृतिक प्रतीकों के साथ जोड़ दिया। यही वजह है कि कार्यक्रम से पहले ही यह होर्डिंग स्थानीय स्तर पर चर्चा का हिस्सा बन गई।

विश्वास दुबे ने लगवाई होर्डिंग

उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक यह होर्डिंग समाजवादी पार्टी युवजन सभा के प्रदेश सचिव एडवोकेट विश्वास दुबे की ओर से लगाई गई थी। इसमें उन्होंने खुद को सुदामा के रूप में और अखिलेश यादव को माधव के रूप में प्रस्तुत किया।

होर्डिंग के जरिए अखिलेश यादव के रायबरेली आगमन का स्वागत किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, बैनर पर रायबरेली को सुदामा की धरती बताते हुए अखिलेश यादव के लिए स्वागत संदेश लिखा गया था।

यह प्रस्तुति किसी आधिकारिक सरकारी कार्यक्रम का हिस्सा नहीं, बल्कि पार्टी पदाधिकारी की ओर से लगाया गया राजनीतिक स्वागत बैनर है।

GIC मैदान बना कार्यक्रम का प्रमुख स्थान

अखिलेश यादव की रायबरेली यात्रा में GIC मैदान महत्वपूर्ण स्थल रहा। उनके PDA रथ का कार्यक्रम इसी क्षेत्र में पहुंचना था और यहां जनसभा भी निर्धारित थी। UNI की रिपोर्ट के मुताबिक PDA रथ यात्रा रायबरेली में GIC ग्राउंड तक पहुंची, जहां अखिलेश यादव को जनसभा को संबोधित करना था।

दौरे से पहले मैदान के आसपास राजनीतिक गतिविधियां दिखाई देने लगी थीं। शहर में लगे पोस्टर और होर्डिंग ने कार्यक्रम के माहौल को और स्पष्ट किया।

PDA रथ यात्रा से जुड़ा दौरा

अखिलेश यादव का रायबरेली दौरा केवल एक स्थानीय कार्यक्रम तक सीमित नहीं था। 24 सितंबर को उन्होंने PDA रथ यात्रा की शुरुआत रायबरेली से की। इस यात्रा को समाजवादी पार्टी की आगामी राजनीतिक गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

रायबरेली से यात्रा शुरू होने के कारण भी इस दौरे पर राजनीतिक नजर रही। इसी दौरान शहर में पार्टी समर्थकों की ओर से लगाए गए पोस्टर और होर्डिंग भी चर्चा का हिस्सा बने।

पोस्टर के जरिए स्वागत का अलग तरीका

राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों से पहले नेताओं के स्वागत में पोस्टर और होर्डिंग लगाना आम बात है। लेकिन यहां इस्तेमाल की गई ‘माधव-सुदामा’ थीम ने इस होर्डिंग को बाकी बैनरों से अलग पहचान दी।

एक तरफ अखिलेश यादव को कृष्ण के रूप में दिखाया गया, तो दूसरी तरफ विश्वास दुबे को सुदामा के रूप में रखा गया। इस तरह बैनर में धार्मिक संदर्भ और राजनीतिक स्वागत संदेश को एक साथ प्रस्तुत किया गया।

रायबरेली में अखिलेश यादव के दौरे से पहले कई तरह के राजनीतिक पोस्टर सामने आए। कुछ पोस्टर स्वागत से जुड़े थे, जबकि विरोधी पोस्टरों की भी रिपोर्ट सामने आई। इस व्यापक पोस्टर गतिविधि के बीच कृष्ण-सुदामा थीम वाला बैनर अपनी अलग दृश्य प्रस्तुति के कारण चर्चा में आया।

शहर में पोस्टर बने राजनीतिक गतिविधि का हिस्सा

अखिलेश यादव की यात्रा से पहले रायबरेली की सड़कों और प्रमुख स्थानों पर लगाए गए पोस्टरों से पार्टी समर्थकों की तैयारियां दिखाई दीं। GIC मैदान के बाहर मौजूद यह होर्डिंग उसी क्रम का हिस्सा था।

हालांकि, इस होर्डिंग की खासियत यह रही कि इसमें सामान्य राजनीतिक नारे या केवल स्वागत संदेश के बजाय धार्मिक पात्रों के प्रतीकात्मक रूप का इस्तेमाल किया गया। इसी कारण इसकी तस्वीरें और चर्चा कार्यक्रम से पहले ही सामने आने लगीं।

रायबरेली में अखिलेश यादव के PDA रथ कार्यक्रम के दौरान कई राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिलीं। इन्हीं के बीच GIC मैदान के बाहर लगी माधव-सुदामा थीम वाली होर्डिंग ने अपनी अलग प्रस्तुति के कारण ध्यान खींचा। इसमें अखिलेश यादव को माधव और विश्वास दुबे को सुदामा के रूप में दिखाया गया था।

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