फतेहपुर में हाथों से उखड़ी सड़क की परत, 4.86 करोड़ के निर्माण पर सवाल; विधायक ने दिए जांच के निर्देश
फतेहपुर में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
फतेहपुर जिले के तेलियानी ब्लॉक क्षेत्र में बन रही एक सड़क की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में घटिया सामग्री इस्तेमाल किए जाने की शिकायत की थी। शिकायत के बाद क्षेत्रीय विधायक जयकुमार जैकी मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे। इसी दौरान ग्रामीणों ने निर्माणाधीन सड़क की ऊपरी डामर की परत को हाथों से ही उखाड़कर दिखाया।
मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, सड़क की परत बिना किसी औजार के आसानी से निकलती चली गई। इस दौरान करीब 50 मीटर हिस्से की ऊपरी परत उखाड़े जाने का दावा किया गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
हालांकि, निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन हुआ था या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
4.86 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा संपर्क मार्ग
यह मामला राष्ट्रीय राजमार्ग से अल्लूपुर होते हुए हसनपुर सांगी तक जाने वाले संपर्क मार्ग से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, करीब 5.9 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए 4 करोड़ 86 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
इतनी बड़ी लागत वाली सड़क परियोजना में निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क के निर्माण में अपेक्षित गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया गया।
ग्रामीणों ने इसी शिकायत को लेकर विधायक से मामले की जांच कराने की मांग की थी। निरीक्षण के दौरान सामने आए हालात ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए।
दिसंबर 2025 तक पूरा होना था निर्माण कार्य
जानकारी के अनुसार, सड़क निर्माण का काम दिसंबर 2025 तक पूरा किया जाना था। लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी परियोजना पूरी नहीं होने की बात सामने आई है।
एक तरफ निर्माण कार्य के समय पर पूरा नहीं होने का सवाल है, तो दूसरी तरफ सड़क की ऊपरी परत की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों की शिकायत ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
अब प्रशासनिक जांच में यह देखा जाएगा कि परियोजना में देरी की वजह क्या है और निर्माण कार्य के दौरान तय तकनीकी मानकों का पालन किया गया या नहीं।
विधायक के सामने ग्रामीणों ने उखाड़ी सड़क की परत
क्षेत्रीय विधायक जयकुमार जैकी जब सड़क का निरीक्षण करने पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनके सामने सड़क की स्थिति दिखाई। ग्रामीणों ने सड़क की ऊपरी डामर की परत को हाथों से उखाड़ना शुरू किया।
वीडियो में सड़क की सतह की परत को हाथों से हटाए जाने का दावा किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क की ऊपरी परत इतनी आसानी से निकल रही है तो निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और प्रक्रिया की जांच की जानी चाहिए।
मौके पर मौजूद विधायक ने भी निर्माण कार्य को लेकर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से जानकारी ली। घटना के बाद सड़क की गुणवत्ता को लेकर मामला अधिकारियों के सामने गंभीरता से उठाया गया।
अधिकारियों और ठेकेदार को फटकार
मौके पर सड़क की स्थिति देखने के बाद विधायक जयकुमार जैकी ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिकारियों, कार्यदायी संस्था और ठेकेदार के कर्मचारियों को फटकार लगाई।
विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क का निर्माण निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप कराया जाए। उन्होंने निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की बात कही।
विधायक के सामने सड़क की परत उखाड़े जाने के बाद मौके पर मौजूद लोगों में भी निर्माण कार्य को लेकर नाराजगी दिखाई दी। ग्रामीणों ने मांग की कि सड़क निर्माण की तकनीकी जांच कराकर जिम्मेदारी तय की जाए।
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने जांच का भरोसा दिया
मौके पर मौजूद ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता शिव श्याम ने मामले की जांच कराने की बात कही। विभाग की ओर से कहा गया कि निर्माण कार्य में यदि किसी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित ठेकेदार और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अब विभागीय जांच में सड़क की गुणवत्ता, इस्तेमाल की गई सामग्री, निर्माण की तकनीकी प्रक्रिया और परियोजना की प्रगति जैसे बिंदुओं की जांच की जा सकती है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सड़क की ऊपरी परत के हाथ से उखड़ने के पीछे निर्माण प्रक्रिया में कोई तकनीकी कमी थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह।
करोड़ों की परियोजना में गुणवत्ता सबसे बड़ा सवाल
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर है। करीब 4.86 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना में यदि निर्माण सामग्री या तकनीकी प्रक्रिया में कोई कमी पाई जाती है तो यह जांच का महत्वपूर्ण विषय होगा।
सड़क निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं में गुणवत्ता बनाए रखना जरूरी होता है, क्योंकि सड़क की मजबूती सीधे तौर पर उसकी उपयोगिता और टिकाऊपन से जुड़ी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर आवाजाही शुरू होने से पहले ही यदि उसकी ऊपरी परत कमजोर दिखाई दे रही है तो इसकी तकनीकी जांच कराना जरूरी है।
हालांकि, अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के आधार पर ही निकाला जा सकेगा।
जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी जिम्मेदारी
मामला सामने आने के बाद अब निगाहें प्रशासनिक जांच पर हैं। विभाग की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि जांच में यदि निर्माण कार्य में अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जांच में यह भी देखा जा सकता है कि सड़क निर्माण में स्वीकृत बजट का इस्तेमाल किस प्रकार किया गया, निर्माण की गुणवत्ता के लिए निर्धारित मानकों का पालन हुआ या नहीं और परियोजना समय पर पूरी क्यों नहीं हो सकी।
फिलहाल सड़क की ऊपरी परत ग्रामीणों द्वारा हाथों से उखाड़े जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इस वीडियो ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल जरूर खड़े किए हैं, लेकिन आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
अब देखना होगा कि प्रशासनिक जांच में क्या सामने आता है और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई की जाती है।
बाइट: निधि गुप्ता वत्स — डीएम फतेहपुर















