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अलीगढ़ में 6 हजार की रिश्वत, वरिष्ठ सहायक पकड़ा गया

अलीगढ़ सिंचाई विभाग में रिश्वत का आरोप, 6 हजार रुपये लेते वरिष्ठ सहायक पकड़े गए

अलीगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई करते हुए सिंचाई विभाग के एक वरिष्ठ सहायक को कथित तौर पर 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित सिंचाई विभाग के कार्यालय से जुड़ा है। आरोप है कि एक सेवानिवृत्त कर्मचारी से उसके जीपीएफ की रकम निकालने के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी।

शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने मामले की जांच की और इसके बाद कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम की कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ सहायक को कथित तौर पर रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ा गया। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच जारी है।

जीपीएफ की रकम निकालने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप

जानकारी के मुताबिक, सिंचाई विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी भूप सिंह को अपने जीपीएफ खाते से करीब 3 लाख रुपये की राशि निकालनी थी। आरोप है कि इसी प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए विभाग में तैनात वरिष्ठ सहायक आशीष माथुर ने उनसे 6 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।

सेवानिवृत्त कर्मचारी का आरोप है कि जीपीएफ की रकम निकलवाने की प्रक्रिया के दौरान उनसे अतिरिक्त रकम की मांग की गई। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत एंटी करप्शन टीम से की।

शिकायत मिलने के बाद टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की। शिकायत के आधार पर टीम ने कथित रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच की और कार्रवाई के लिए योजना बनाई।

शिकायत के बाद सक्रिय हुई एंटी करप्शन टीम

शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने मामले से जुड़े तथ्यों की जांच की। इसके बाद टीम सिंचाई विभाग के कार्यालय पहुंची। कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ सहायक को 6 हजार रुपये लेते हुए कथित तौर पर पकड़ लिया गया।

बताया जा रहा है कि कार्रवाई एंटी करप्शन थाना प्रभारी अनिल कुमार यादव के नेतृत्व में गठित टीम ने की। टीम ने मौके पर आवश्यक कार्रवाई पूरी की और मामले से जुड़े दस्तावेजों तथा अन्य तथ्यों को भी जांच के दायरे में लिया।

एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई के बाद सिंचाई विभाग के कार्यालय में भी हलचल देखने को मिली। हालांकि, मामले में आरोपों की पूरी स्थिति जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट होगी।

रिटायर्ड कर्मचारी की शिकायत पर हुई कार्रवाई

इस पूरे मामले में शिकायतकर्ता एक सेवानिवृत्त कर्मचारी बताए जा रहे हैं। जीपीएफ की रकम सरकारी सेवा से जुड़े कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय सुविधा होती है। सेवानिवृत्ति के बाद इस राशि को प्राप्त करने के लिए संबंधित विभाग में दस्तावेजी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

इसी प्रक्रिया के दौरान रिश्वत मांगे जाने का आरोप सामने आया। शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर रिश्वत की मांग को लेकर एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया। इसके बाद टीम ने शिकायत की जांच कर कार्रवाई की।

इस तरह की शिकायतों में जांच एजेंसी की कार्रवाई के बाद संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। हालांकि किसी आरोपी के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होता है।

6 हजार रुपये लेते पकड़े जाने का दावा

एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई में वरिष्ठ सहायक आशीष माथुर को 6 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। टीम ने कार्रवाई के दौरान रकम को अपने कब्जे में लेकर मामले से संबंधित प्रक्रिया शुरू की।

कार्रवाई का मुख्य आधार सेवानिवृत्त कर्मचारी की शिकायत बताई जा रही है। शिकायत में जीपीएफ की रकम जारी कराने के बदले पैसे मांगे जाने का आरोप लगाया गया था।

अब जांच में यह देखा जाएगा कि रिश्वत की कथित मांग किस प्रक्रिया से जुड़ी थी, रकम की मांग किस स्तर पर की गई और मामले में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। इसके अलावा शिकायत और कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज भी जांच का हिस्सा होंगे।

सिंचाई विभाग कार्यालय में कार्रवाई से मची हलचल

सिविल लाइन थाना क्षेत्र में स्थित सिंचाई विभाग के कार्यालय में एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर भी चर्चा शुरू हो गई। सरकारी कार्यालयों में किसी काम के बदले रिश्वत मांगने की शिकायतों पर एंटी करप्शन टीम समय-समय पर कार्रवाई करती है।

इस मामले में भी शिकायत के बाद टीम ने कथित तौर पर कार्रवाई की। वरिष्ठ सहायक के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया संबंधित जांच के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।

मामले में विभागीय अधिकारियों की भूमिका और कार्रवाई के बाद की स्थिति को लेकर भी जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आ सकती है।

जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

फिलहाल अलीगढ़ के सिंचाई विभाग में सामने आए इस मामले में एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई सबसे अहम कड़ी है। 3 लाख रुपये के जीपीएफ भुगतान के एवज में 6 हजार रुपये की कथित रिश्वत मांगने की शिकायत के बाद टीम ने कार्रवाई की है।

अब मामले में आगे की जांच, दस्तावेजों की पड़ताल और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों के पीछे पूरा घटनाक्रम क्या था। आरोपी कर्मचारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि भी संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।

एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के बाद सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। वहीं, इस मामले में शिकायतकर्ता को जीपीएफ की रकम दिलाने और आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई को लेकर भी नजर बनी हुई है।

फिलहाल 6 हजार रुपये की कथित रिश्वत के मामले में वरिष्ठ सहायक को पकड़े जाने की कार्रवाई अलीगढ़ में चर्चा का विषय बनी हुई है। आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

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