अखिलेश के निशाने पर योगी सरकार, PDA से लेकर पुलिस और स्वास्थ्य व्यवस्था तक पर हमला
लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रेस वार्ता के दौरान उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने सामाजिक न्याय, PDA, महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के साथ-साथ पुलिस व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।
प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान और उनके सुझावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान राशि बढ़ाकर 51 हजार रुपये प्रतिमाह की जाएगी। उनके इस ऐलान को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
लोकतंत्र सेनानियों के लिए 51 हजार रुपये की सम्मान राशि का ऐलान
अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों ने लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने उनके सुझावों को भविष्य में लागू करने की बात कही।
सपा अध्यक्ष ने ऐलान किया कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर लोकतंत्र सेनानियों की मासिक सम्मान राशि बढ़ाकर 51 हजार रुपये की जाएगी। उन्होंने इस वर्ग के सम्मान और सुविधाओं को लेकर पार्टी की ओर से अपनी प्राथमिकता भी सामने रखी।
यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। हाल के दिनों में अखिलेश यादव लगातार अलग-अलग सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं।
PDA और सामाजिक न्याय का मुद्दा
प्रेस वार्ता में PDA भी अखिलेश यादव के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहा। उन्होंने PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग को लेकर सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया।
अखिलेश यादव ने कहा कि जिस दौर में PDA पर अत्याचार होगा, वह हर दौर उनके लिए आपातकाल जैसा होगा। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को भी इसी संदर्भ में सरकार के सामने चुनौती के तौर पर रखा।
उनके मुताबिक प्रदेश में सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। हालांकि, ये सरकार के खिलाफ अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने महंगाई और बेरोजगारी को लेकर भी राज्य सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में आम लोगों के सामने आर्थिक चुनौतियां बनी हुई हैं।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भ्रष्टाचार चरम सीमा पर होगा तो विकास की उम्मीद कैसे की जा सकती है। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए विकास और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच संबंध का मुद्दा उठाया।
सपा अध्यक्ष पहले भी उत्तर प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार को लेकर आरोप लगाते रहे हैं। ऐसे में उनकी ताजा प्रेस वार्ता में भी यह मुद्दा प्रमुखता से सामने आया।
बीजेपी के चुनावी मैनेजमेंट पर तंज
अखिलेश यादव ने बीजेपी की चुनावी रणनीति को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी माइक्रोस्कोप से भी मैनेजमेंट करेगी तो भी हार जाएगी।
यह बयान आगामी 2027 विधानसभा चुनाव के राजनीतिक माहौल के बीच आया है। अखिलेश यादव इन दिनों पार्टी के संगठन और चुनावी तैयारियों से जुड़े कार्यक्रमों में लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। हाल में उन्होंने PDA को पार्टी की राजनीतिक रणनीति के महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर भी रेखांकित किया है।
पुलिस व्यवस्था पर लगाए गंभीर आरोप
प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता और पुलिस बीजेपी के कार्यकर्ता की तरह काम कर रही है।
उन्होंने सरकार के कार्यकाल में साधु-संतों से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि कई सच्चे साधुओं को अपमानित किया गया तथा उन्हें न्याय नहीं मिला।
पुलिस को लेकर अखिलेश यादव की यह टिप्पणी उनके लगातार किए जा रहे कानून-व्यवस्था संबंधी हमलों का हिस्सा है। इससे पहले भी वह पुलिस कार्रवाई, PDA समुदायों और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सरकार पर आरोप लगाते रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर डिप्टी सीएम पर निशाना
अखिलेश यादव ने स्वास्थ्य विभाग और अस्पतालों की व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने डिप्टी सीएम पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें ई-रिक्शा बुक कर लेना चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में अस्पतालों की व्यवस्था खराब हुई है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर सरकार से सवाल करते हुए इसे आम लोगों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।
अखिलेश यादव इससे पहले भी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर अपनी पार्टी की ओर से अलग-अलग दावे और प्रस्ताव सामने रखते रहे हैं। अगस्त 2026 में उन्होंने गरीबों के मुफ्त इलाज और स्वास्थ्य व्यवस्था के ऑडिट से जुड़े प्रस्ताव भी रखे थे।
सपा से बीजेपी में गए नेताओं पर भी निशाना
प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने उन नेताओं पर भी टिप्पणी की जो समाजवादी पार्टी के टिकट या समर्थन से चुनाव जीतने के बाद बीजेपी में चले गए।
उन्होंने सवाल किया कि जो नेता समाजवादी पार्टी के वोट से जीतकर गए हैं, वे बीजेपी के वोट से कैसे जीतेंगे। उनके इस बयान को आगामी चुनाव में दलबदल और टिकट वितरण की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
अखिलेश यादव ने यह भी दावा किया कि कई बीजेपी विधायक सपा के संपर्क में हैं, हालांकि ऐसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि अलग से नहीं हुई है।
चुनाव से पहले तेज हो रही राजनीतिक बयानबाजी
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। अखिलेश यादव की ताजा प्रेस वार्ता में एक साथ सामाजिक न्याय, महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, पुलिस और स्वास्थ्य व्यवस्था जैसे मुद्दे उठे।
लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान राशि बढ़ाने का ऐलान भी इसी राजनीतिक माहौल में किया गया है। वहीं, सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर लगाए गए आरोपों पर अब बीजेपी की प्रतिक्रिया का इंतजार रहेगा।
फिलहाल अखिलेश यादव के बयानों ने उत्तर प्रदेश की आगामी चुनावी राजनीति में PDA, प्रशासनिक व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार जैसे मुद्दों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।















