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विधानसभा गेट नंबर 3 पर क्या हुआ था? विरोध के नाम पर BRS नेताओं ने लांघी हदें, अब KTR पर एक्शन

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विधानसभा गेट नंबर 3 पर क्या हुआ था? विरोध के नाम पर BRS नेताओं ने लांघी हदें

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तेलंगाना विधानसभा के बाहर सियासी विरोध प्रदर्शन के दौरान मर्यादा तार-तार होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. हैदराबाद की सैफाबाद पुलिस ने बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव, पूर्व मंत्री टी. हरीश राव और कई विधायकों के खिलाफ महिला पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी और ड्यूटी में बाधा डालने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है. यह कार्रवाई गेट नंबर 3 पर तैनात महिला पुलिस कॉन्स्टेबल के. पद्मावती की लिखित शिकायत पर की गई है.

विधानसभा गेट नंबर 3 पर क्या हुआ था? विरोध के नाम पर BRS नेताओं ने लांघी हदेंZoom

महिला पुलिस अधिकारियों के साथ बदसलूकी करने पर बीआरएस नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.

हैदराबाद. हैदराबाद पुलिस ने सोमवार को तेलंगाना विधानसभा भवन के प्रवेश द्वार पर महिला पुलिस अधिकारियों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने के लिए सैफाबाद पुलिस स्टेशन में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) नेताओं के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया है. बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव, तेलंगाना विधानसभा में बीआरएस के डिप्टी लीडर टी. हरीश राव और पार्टी के कई अन्य विधायकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. इन पर महिला पुलिसकर्मियों को ड्यूटी करने से रोकने, अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और धमकाने का आरोप है. महिला पुलिस कॉन्स्टेबल के. पद्मावती की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया है.

यह मामला सोमवार को गेट नंबर 3 पर हुई घटनाओं के सिलसिले में दर्ज किया गया है, जब पुलिस ने बीआरएस विधायकों को नारे लिखी काली टी-शर्ट पहनकर विधानसभा में जाने से रोक दिया था. शिकायत करने वाली महिला पुलिसकर्मी ने आरोप लगाया कि बीआरएस के विधायकों और एमएलसी ने महिला पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कहीं. उन्होंने महिला पुलिस अधिकारियों के सामने आधे-नंगे होकर खड़े होने के लिए अपनी टी-शर्ट भी उतार दीं. पुलिस कॉन्स्टेबल ने आरोप लगाया कि विधायक महिला पुलिसकर्मियों के सामने करीब आधे-नंगे होकर खड़े हो गए, जिससे उन्हें बहुत असहजता और शर्मिंदगी महसूस हुई.

शिकायतकर्ता का आरोप है कि नेताओं ने महिला कॉन्स्टेबल को धक्का-मुक्की करके और उनकी छाती पर धक्का देकर जबरदस्ती विधानसभा में घुसने की कोशिश की. धक्का-मुक्की से एसआई त्रिवेणी और महिला कॉन्स्टेबल रश्मि यादव व सौम्या को शारीरिक और मानसिक परेशानी हुई और उन्हें इलाज के लिए ग्लेनीगल्स अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और वे तस्वीरों, वीडियो और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं. सोमवार की घटनाओं के सिलसिले में बीआरएस नेताओं के खिलाफ दर्ज यह दूसरा मामला है.

इससे पहले बीआरएस नेताओं पर पुलिस के काम में बाधा डालने और उन पर हमला करने का मामला दर्ज किया गया था. आरोप है कि उन्होंने महिला कॉन्स्टेबल के साथ बदसलूकी की, कर्मचारियों को धमकाया, पुलिसकर्मियों का कॉलर पकड़ा और क्यूआरटी कर्मियों को धक्का दिया. सैफबाद पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर में पूर्व मंत्री जगदीश रेड्डी, गंगुला कमलाकर, सबिता इंद्रा रेड्डी, सुनीता लक्ष्मा रेड्डी, विधायक पाडी कौशिक रेड्डी, शम्बीपुर राजू, संजय, विजयडु, सुधीर रेड्डी और कोवा लक्ष्मी का नाम शामिल है.

वहीं, मंगलवार को पुलिस ने बीआरएस के दो एमएलसी को विधानसभा अध्यक्ष गड्डम प्रसाद कुमार के खिलाफ अपमानजनक और अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार किया. विधानसभा अध्यक्ष के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) पोलेपल्ली वेंकटेशम की शिकायत पर एमएलएसी टी. मधुसूदन उर्फ ​​मधु और एन. नवीन कुमार रेड्डी के खिलाफ सैफाबाद पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया. दोनों एमएलसी को नामपल्ली कोर्ट में पेश किया गया, जिसने उन्हें पर्सनल बॉन्ड और जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया. मंगलवार को विधान परिषद ने दोनों एमएलसी को मानसून सत्र की बाकी अवधि के लिए निलंबित कर दिया.

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राकेश रंजन कुमार

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…

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