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शुभम की पत्नी ऐशन्या ने दी प्रतिक्रिया

शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशन्या द्विवेदी की प्रतिक्रिया

शुभम की पत्नी ऐशन्या ने दी प्रतिक्रिया

पहलगाम हमले के आरोपी मूसा के मारे जाने पर ऐशन्या की प्रतिक्रिया

कानपुर के रहने वाले शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशन्या द्विवेदी ने पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े आरोपी हाशिम मूसा के मारे जाने पर प्रतिक्रिया दी है। 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में शुभम द्विवेदी समेत 26 लोगों की मौत हुई थी। शुभम अपने परिवार के साथ जम्मू-कश्मीर घूमने गए थे।

28 जुलाई 2025 को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन महादेव के तहत तीन आतंकियों को मार गिराने की जानकारी दी थी। मीडिया रिपोर्टों में मारे गए आतंकियों में सुलेमान शाह उर्फ हाशिम मूसा का नाम सामने आया, जिसे पहलगाम हमले का प्रमुख आरोपी बताया गया था।

ऐशन्या ने इस कार्रवाई पर संतोष जताते हुए कहा कि पति को खोने का दर्द कभी कम नहीं होगा, लेकिन आतंकियों के खिलाफ हुई कार्रवाई से परिवार को कुछ सुकून जरूर मिला है।

22 अप्रैल के हमले में हुई थी शुभम की मौत

22 अप्रैल 2025 का दिन शुभम द्विवेदी के परिवार के लिए ऐसी त्रासदी लेकर आया, जिसने उनकी जिंदगी बदल दी। शुभम अपने परिवार के साथ पहलगाम गए थे। रिपोर्टों के अनुसार, वह अपनी पत्नी ऐशन्या के साथ घोड़े पर सवार होकर बैसरन घाटी की ओर गए थे, तभी आतंकियों ने हमला कर दिया।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, शुभम 31 वर्षीय कानपुर के कारोबारी थे और फरवरी 2025 में ऐशन्या से उनकी शादी हुई थी। यह शादी के बाद परिवार के साथ उनकी दूसरी यात्रा थी। हमले में शुभम की मौके पर ही मौत हो गई थी।

हमले के बाद शुभम की पत्नी की आंखों के सामने हुई इस घटना ने पूरे कानपुर को भी झकझोर दिया था।

हाशिम मूसा को बताया गया था हमले का प्रमुख आरोपी

पहलगाम हमले की जांच और सुरक्षाबलों की कार्रवाई के दौरान हाशिम मूसा का नाम सामने आया। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में उसे सुलेमान शाह के नाम से भी पहचाना गया और हमले का प्रमुख आरोपी या मास्टरमाइंड बताया गया।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मूसा पर 20 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। उसके बारे में यह भी रिपोर्ट किया गया कि वह पहले पाकिस्तान की स्पेशल सर्विसेज ग्रुप से जुड़ा रहा था और बाद में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा आतंकी बना।

हालांकि, सरकारी रिकॉर्ड में ऑपरेशन महादेव में मारे गए तीन आतंकियों के नाम सुलेमान उर्फ फैजल जट, हमजा अफगानी और जिब्रान बताए गए हैं।

ऑपरेशन महादेव में तीन आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि

केंद्र सरकार के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, सेना, CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन आतंकियों को मारा गया। गृह मंत्रालय ने 29 जुलाई 2025 को लोकसभा में बताया कि ऑपरेशन महादेव के दौरान तीनों आतंकियों को ढेर किया गया।

रिपोर्टों के मुताबिक, यह कार्रवाई श्रीनगर के बाहरी इलाके में दाचीगाम के जंगलों के पास हुई थी। इंडियन एक्सप्रेस ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों को एक संचार उपकरण से मिले सिग्नल के आधार पर आतंकियों की मौजूदगी का सुराग मिला था। इसके बाद सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कार्रवाई की।

पति की मौत का दर्द अपनी जगह, कार्रवाई से मिला सुकून

हाशिम मूसा के मारे जाने की खबर पर ऐशन्या द्विवेदी ने अपनी प्रतिक्रिया में निजी दर्द और सुरक्षा बलों की कार्रवाई, दोनों का जिक्र किया।

उनका कहना था कि पति को खोने का दर्द किसी कार्रवाई से खत्म नहीं हो सकता। हालांकि, जिस हमले में उनके पति समेत कई लोगों की जान गई, उससे जुड़े आतंकियों के खिलाफ हुई कार्रवाई से परिवार को कुछ राहत और सुकून जरूर महसूस हुआ।

ऐशन्या की प्रतिक्रिया उस परिवार की भावना को सामने लाती है, जिसने अप्रैल 2025 में पहलगाम हमले में अपने सदस्य को खो दिया था।

सुरक्षा बलों पर जताया भरोसा

ऐशन्या ने भारतीय सेना और सुरक्षा बलों पर भरोसा जताया। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ की गई कार्रवाई की सराहना की और कहा कि इस तरह की कार्रवाई से पीड़ित परिवारों को यह महसूस होता है कि मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है।

पहलगाम हमले के बाद देशभर में पीड़ित परिवारों की ओर से दोषियों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी थी। ऑपरेशन महादेव के बाद सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई को इसी जांच की अगली कड़ी के रूप में देखा गया।

पहलगाम हमले में 26 लोगों की गई थी जान

22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। घटना के बाद केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने हमले में शामिल आतंकियों की तलाश तेज की।

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से हमले के दिन जारी बयान में भी कहा गया था कि घटना में शामिल लोगों को सजा दिलाने की बात सुनिश्चित की जाएगी।

बाद में ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव से जुड़े घटनाक्रम सामने आए। गृह मंत्रालय ने संसद में बताया कि ऑपरेशन महादेव के दौरान पहलगाम हमले में शामिल तीन आतंकियों को मार गिराया गया।

शुभम के परिवार के लिए न्याय की भावना

शुभम द्विवेदी के परिवार के लिए यह घटना केवल एक आतंकी हमले की खबर नहीं थी, बल्कि परिवार के सदस्य को खोने की व्यक्तिगत त्रासदी थी। ऐसे में आरोपी आतंकी के मारे जाने की खबर पर ऐशन्या की प्रतिक्रिया में व्यक्तिगत पीड़ा और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के प्रति संतोष दोनों दिखाई दिए।

उन्होंने यह स्पष्ट किया कि पति की कमी और उनके जाने का दुख अपनी जगह बना रहेगा। लेकिन आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को परिवार के लिए राहत का कारण बताया।

आगे भी जांच और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई पर नजर

पहलगाम हमले से जुड़े मामलों में सुरक्षा एजेंसियों की जांच और आतंकवाद विरोधी कार्रवाई आगे भी महत्वपूर्ण बनी हुई है। ऑपरेशन महादेव में मारे गए तीन आतंकियों को लेकर केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी दी थी, जबकि मीडिया रिपोर्टों में उनमें से एक की पहचान हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान शाह के रूप में की गई।

कानपुर के शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशन्या की प्रतिक्रिया ने एक बार फिर उस हमले में जान गंवाने वाले परिवारों के दर्द को सामने ला दिया है। उनके मुताबिक, पति को खोने का दर्द कम नहीं होगा, लेकिन आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई से परिवार को सुकून जरूर मिला है।

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