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कानपुर में ई-चालान का नया सिस्टम, QR से भरें जुर्माना

कानपुर में Next Gen 2.0 ई-चालान सिस्टम अपडेट

कानपुर में ई-चालान व्यवस्था का तकनीकी अपग्रेड

कानपुर में परिवहन विभाग की ई-चालान व्यवस्था को नए तकनीकी वर्जन पर अपडेट किया गया है। अब विभाग Next Gen 2.0 सिस्टम के जरिए चालान प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है। इस बदलाव के बाद वाहन चालकों के लिए चालान से जुड़ी कुछ प्रक्रियाएं पहले की तुलना में डिजिटल तरीके से पूरी करने की व्यवस्था की गई है।

नए सिस्टम में चालान जारी होने के साथ मोबाइल पर QR कोड उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। वाहन चालक इस QR कोड को स्कैन करके ऑनलाइन जुर्माने का भुगतान कर सकेंगे।

केंद्र सरकार के आधिकारिक eChallan प्लेटफॉर्म पर भी डिजिटल माध्यम से चालान देखने और भुगतान करने की सुविधा उपलब्ध है।

QR कोड से ऑनलाइन भुगतान की सुविधा

नए ई-चालान सिस्टम में QR कोड की सुविधा को प्रमुख बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। चालान जारी होने के बाद संबंधित वाहन चालक के मोबाइल पर उपलब्ध कराए गए QR कोड को स्कैन करके जुर्माने की राशि ऑनलाइन जमा की जा सकेगी।

इससे चालान भुगतान के लिए कार्यालय जाने या भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के लिए अलग से समय निकालने की जरूरत कम हो सकती है। डिजिटल भुगतान व्यवस्था के जरिए वाहन चालक अपने मोबाइल से ही चालान से जुड़ी कार्रवाई पूरी कर सकेंगे।

हालांकि किसी भी चालान का भुगतान करने से पहले वाहन चालक को आधिकारिक पोर्टल या विभागीय माध्यम की ही पुष्टि करनी चाहिए। आधिकारिक NextGen eChallan पोर्टल भी फर्जी वेबसाइट और मोबाइल ऐप से सावधान रहने की चेतावनी देता है।

पीछे बैठे यात्री के हेलमेट पर भी कार्रवाई

नए एप्लिकेशन में यातायात नियमों के उल्लंघन से जुड़े विकल्पों में भी बदलाव किया गया है। अब दोपहिया वाहन पर पीछे बैठी सवारी के हेलमेट नहीं लगाने की स्थिति में भी चालान की कार्रवाई का विकल्प शामिल किया गया है।

इसका मतलब है कि केवल वाहन चलाने वाले व्यक्ति के हेलमेट की जांच तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। पीछे बैठने वाले यात्री के हेलमेट उपयोग को लेकर भी नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकेगी।

सड़क सुरक्षा के लिहाज से दोपहिया वाहन पर चालक और पीछे बैठने वाले यात्री दोनों के लिए हेलमेट का इस्तेमाल महत्वपूर्ण माना जाता है। कानपुर ट्रैफिक पुलिस पहले भी हेलमेट, सीट बेल्ट और अन्य यातायात नियमों के पालन को लेकर अभियान चलाती रही है।

नशे में वाहन चलाने पर भी चालान का विकल्प

नए सिस्टम में नशे की हालत में वाहन चलाने से जुड़े मामलों में भी चालान कार्रवाई का विकल्प शामिल किया गया है। इससे सड़क पर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया में मदद मिल सकती है।

कानपुर में पहले भी ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस की ओर से ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाए गए हैं। ऐसे मामलों में वाहन चालक की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।

नए एप्लिकेशन में इस तरह के उल्लंघनों को दर्ज करने के विकल्प बढ़ने से प्रवर्तन प्रक्रिया को तकनीकी रूप से अधिक व्यवस्थित करने का प्रयास किया गया है।

23 सितंबर से बंद थी ई-चालान प्रक्रिया

ई-चालान सिस्टम के तकनीकी अपग्रेडेशन के कारण कानपुर में 23 सितंबर से पुरानी ई-चालान प्रक्रिया प्रभावित रही। संशोधित सॉफ्टवेयर अपलोड करने और पुराने चालानों का डेटा नए सिस्टम में स्थानांतरित करने का काम शुरू किया गया था। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार संशोधित सॉफ्टवेयर के साथ पुराने चालानों का डेटा भी नए सिस्टम में डाउनलोड किया जा रहा था।

अपडेट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिवहन विभाग की चालान कार्रवाई दोबारा शुरू कर दी गई। विभागीय जानकारी के मुताबिक नए सिस्टम के दोबारा सक्रिय होने के पहले दिन करीब 150 वाहनों के चालान किए गए।

नए सिस्टम में अभी तकनीकी दिक्कतें

Next Gen 2.0 शुरू होने के बाद भी तकनीकी स्तर पर कुछ समस्याओं को दूर करने का काम जारी है। पुराने सर्वर पर मौजूद डेटा को नए सिस्टम में अपलोड करने की प्रक्रिया भी चल रही है।

डेटा ट्रांसफर जैसे तकनीकी काम के दौरान सिस्टम में कुछ समय के लिए समस्या आना संभव है। ऐसे में विभाग की तकनीकी टीम नए एप्लिकेशन को पूरी तरह स्थिर करने और पुराने रिकॉर्ड को नए सिस्टम से जोड़ने पर काम कर रही है।

स्थानीय रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि संशोधित ई-चालान व्यवस्था में गलत चालान को लेकर ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कराने की सुविधा विकसित की जा रही है।

परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस का सिस्टम अलग

कानपुर में ई-चालान को लेकर एक महत्वपूर्ण बात यह है कि परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस के एप्लिकेशन एक ही सिस्टम नहीं हैं। दोनों विभागों की चालान प्रक्रिया के लिए अलग-अलग एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया जाता है।

परिवहन विभाग का नया ई-चालान सिस्टम शुरू हो चुका है, जबकि ट्रैफिक पुलिस के एप्लिकेशन का अपडेशन अलग से किया जा रहा है। इसलिए दोनों विभागों की चालान कार्रवाई एक ही समय पर शुरू होना जरूरी नहीं है।

एसीपी ट्रैफिक संजय कुमार सिंह के मुताबिक पुलिस विभाग के एप्लिकेशन का अपडेट शनिवार से चल रहा है। अपडेट पूरा होने के बाद ट्रैफिक पुलिस की चालान कार्रवाई भी दोबारा शुरू होने की बात कही गई है।

वाहन चालकों के लिए क्या बदलेगा

नए सिस्टम के लागू होने के बाद वाहन चालकों के लिए सबसे बड़ा बदलाव चालान भुगतान की डिजिटल प्रक्रिया में दिखाई देगा। QR कोड के जरिए भुगतान की सुविधा उपलब्ध होने से चालान का भुगतान मोबाइल के माध्यम से किया जा सकेगा।

इसके अलावा यातायात नियमों के उल्लंघन दर्ज करने के विकल्प भी बढ़ाए गए हैं। पीछे बैठी सवारी के हेलमेट और नशे में वाहन चलाने जैसे मामलों को भी सिस्टम में दर्ज करने का विकल्प शामिल किया गया है।

सरकारी eChallan व्यवस्था का उद्देश्य चालान जारी करने से लेकर भुगतान और रिकॉर्ड प्रबंधन तक की प्रक्रिया को डिजिटल बनाना है।

ट्रैफिक पुलिस के सिस्टम अपडेट का इंतजार

फिलहाल परिवहन विभाग का अपडेटेड ई-चालान सिस्टम काम करना शुरू कर चुका है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले अलग एप्लिकेशन का अपडेट पूरा होना बाकी बताया गया है।

इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में दोनों विभागों की डिजिटल चालान व्यवस्था अपने-अपने तकनीकी अपडेशन के बाद सामान्य रूप से संचालित होगी।

कानपुर में ई-चालान व्यवस्था का यह बदलाव वाहन चालकों के लिए भुगतान प्रक्रिया को डिजिटल और अधिक सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ यातायात नियमों के उल्लंघन की रिकॉर्डिंग को भी नए तकनीकी ढांचे से जोड़ने की दिशा में कदम है।

कानपुर से यूपी अनकट 24×7 — यूपी की खबरें बिना लाग-लपेट।

कानपुर में ई-चालान व्यवस्था का तकनीकी अपग्रेड

कानपुर में परिवहन विभाग की ई-चालान व्यवस्था को नए तकनीकी वर्जन पर अपडेट किया गया है। अब विभाग Next Gen 2.0 सिस्टम के जरिए चालान प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है। इस बदलाव के बाद वाहन चालकों के लिए चालान से जुड़ी कुछ प्रक्रियाएं पहले की तुलना में डिजिटल तरीके से पूरी करने की व्यवस्था की गई है।

नए सिस्टम में चालान जारी होने के साथ मोबाइल पर QR कोड उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। वाहन चालक इस QR कोड को स्कैन करके ऑनलाइन जुर्माने का भुगतान कर सकेंगे।

केंद्र सरकार के आधिकारिक eChallan प्लेटफॉर्म पर भी डिजिटल माध्यम से चालान देखने और भुगतान करने की सुविधा उपलब्ध है।

QR कोड से ऑनलाइन भुगतान की सुविधा

नए ई-चालान सिस्टम में QR कोड की सुविधा को प्रमुख बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। चालान जारी होने के बाद संबंधित वाहन चालक के मोबाइल पर उपलब्ध कराए गए QR कोड को स्कैन करके जुर्माने की राशि ऑनलाइन जमा की जा सकेगी।

इससे चालान भुगतान के लिए कार्यालय जाने या भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के लिए अलग से समय निकालने की जरूरत कम हो सकती है। डिजिटल भुगतान व्यवस्था के जरिए वाहन चालक अपने मोबाइल से ही चालान से जुड़ी कार्रवाई पूरी कर सकेंगे।

हालांकि किसी भी चालान का भुगतान करने से पहले वाहन चालक को आधिकारिक पोर्टल या विभागीय माध्यम की ही पुष्टि करनी चाहिए। आधिकारिक NextGen eChallan पोर्टल भी फर्जी वेबसाइट और मोबाइल ऐप से सावधान रहने की चेतावनी देता है।

पीछे बैठे यात्री के हेलमेट पर भी कार्रवाई

नए एप्लिकेशन में यातायात नियमों के उल्लंघन से जुड़े विकल्पों में भी बदलाव किया गया है। अब दोपहिया वाहन पर पीछे बैठी सवारी के हेलमेट नहीं लगाने की स्थिति में भी चालान की कार्रवाई का विकल्प शामिल किया गया है।

इसका मतलब है कि केवल वाहन चलाने वाले व्यक्ति के हेलमेट की जांच तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। पीछे बैठने वाले यात्री के हेलमेट उपयोग को लेकर भी नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकेगी।

सड़क सुरक्षा के लिहाज से दोपहिया वाहन पर चालक और पीछे बैठने वाले यात्री दोनों के लिए हेलमेट का इस्तेमाल महत्वपूर्ण माना जाता है। कानपुर ट्रैफिक पुलिस पहले भी हेलमेट, सीट बेल्ट और अन्य यातायात नियमों के पालन को लेकर अभियान चलाती रही है।

नशे में वाहन चलाने पर भी चालान का विकल्प

नए सिस्टम में नशे की हालत में वाहन चलाने से जुड़े मामलों में भी चालान कार्रवाई का विकल्प शामिल किया गया है। इससे सड़क पर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया में मदद मिल सकती है।

कानपुर में पहले भी ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस की ओर से ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाए गए हैं। ऐसे मामलों में वाहन चालक की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।

नए एप्लिकेशन में इस तरह के उल्लंघनों को दर्ज करने के विकल्प बढ़ने से प्रवर्तन प्रक्रिया को तकनीकी रूप से अधिक व्यवस्थित करने का प्रयास किया गया है।

23 सितंबर से बंद थी ई-चालान प्रक्रिया

ई-चालान सिस्टम के तकनीकी अपग्रेडेशन के कारण कानपुर में 23 सितंबर से पुरानी ई-चालान प्रक्रिया प्रभावित रही। संशोधित सॉफ्टवेयर अपलोड करने और पुराने चालानों का डेटा नए सिस्टम में स्थानांतरित करने का काम शुरू किया गया था। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार संशोधित सॉफ्टवेयर के साथ पुराने चालानों का डेटा भी नए सिस्टम में डाउनलोड किया जा रहा था।

अपडेट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिवहन विभाग की चालान कार्रवाई दोबारा शुरू कर दी गई। विभागीय जानकारी के मुताबिक नए सिस्टम के दोबारा सक्रिय होने के पहले दिन करीब 150 वाहनों के चालान किए गए।

नए सिस्टम में अभी तकनीकी दिक्कतें

Next Gen 2.0 शुरू होने के बाद भी तकनीकी स्तर पर कुछ समस्याओं को दूर करने का काम जारी है। पुराने सर्वर पर मौजूद डेटा को नए सिस्टम में अपलोड करने की प्रक्रिया भी चल रही है।

डेटा ट्रांसफर जैसे तकनीकी काम के दौरान सिस्टम में कुछ समय के लिए समस्या आना संभव है। ऐसे में विभाग की तकनीकी टीम नए एप्लिकेशन को पूरी तरह स्थिर करने और पुराने रिकॉर्ड को नए सिस्टम से जोड़ने पर काम कर रही है।

स्थानीय रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि संशोधित ई-चालान व्यवस्था में गलत चालान को लेकर ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कराने की सुविधा विकसित की जा रही है।

परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस का सिस्टम अलग

कानपुर में ई-चालान को लेकर एक महत्वपूर्ण बात यह है कि परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस के एप्लिकेशन एक ही सिस्टम नहीं हैं। दोनों विभागों की चालान प्रक्रिया के लिए अलग-अलग एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया जाता है।

परिवहन विभाग का नया ई-चालान सिस्टम शुरू हो चुका है, जबकि ट्रैफिक पुलिस के एप्लिकेशन का अपडेशन अलग से किया जा रहा है। इसलिए दोनों विभागों की चालान कार्रवाई एक ही समय पर शुरू होना जरूरी नहीं है।

एसीपी ट्रैफिक संजय कुमार सिंह के मुताबिक पुलिस विभाग के एप्लिकेशन का अपडेट शनिवार से चल रहा है। अपडेट पूरा होने के बाद ट्रैफिक पुलिस की चालान कार्रवाई भी दोबारा शुरू होने की बात कही गई है।

वाहन चालकों के लिए क्या बदलेगा

नए सिस्टम के लागू होने के बाद वाहन चालकों के लिए सबसे बड़ा बदलाव चालान भुगतान की डिजिटल प्रक्रिया में दिखाई देगा। QR कोड के जरिए भुगतान की सुविधा उपलब्ध होने से चालान का भुगतान मोबाइल के माध्यम से किया जा सकेगा।

इसके अलावा यातायात नियमों के उल्लंघन दर्ज करने के विकल्प भी बढ़ाए गए हैं। पीछे बैठी सवारी के हेलमेट और नशे में वाहन चलाने जैसे मामलों को भी सिस्टम में दर्ज करने का विकल्प शामिल किया गया है।

सरकारी eChallan व्यवस्था का उद्देश्य चालान जारी करने से लेकर भुगतान और रिकॉर्ड प्रबंधन तक की प्रक्रिया को डिजिटल बनाना है।

ट्रैफिक पुलिस के सिस्टम अपडेट का इंतजार

फिलहाल परिवहन विभाग का अपडेटेड ई-चालान सिस्टम काम करना शुरू कर चुका है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले अलग एप्लिकेशन का अपडेट पूरा होना बाकी बताया गया है।

इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में दोनों विभागों की डिजिटल चालान व्यवस्था अपने-अपने तकनीकी अपडेशन के बाद सामान्य रूप से संचालित होगी।

कानपुर में ई-चालान व्यवस्था का यह बदलाव वाहन चालकों के लिए भुगतान प्रक्रिया को डिजिटल और अधिक सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ यातायात नियमों के उल्लंघन की रिकॉर्डिंग को भी नए तकनीकी ढांचे से जोड़ने की दिशा में कदम है।

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