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कानपुर में क्षतिग्रस्त सड़कों को लेकर महापौर की अहम बैठक, PWD-जल निगम-KESCO को दिए समन्वय के निर्देश

कानपुर में क्षतिग्रस्त सड़कों को लेकर महापौर प्रमिला पांडेय की अधिकारियों के साथ बैठक

कानपुर में क्षतिग्रस्त सड़कों को लेकर महापौर की अहम बैठक, PWD-जल निगम-KESCO को दिए समन्वय के निर्देश

कानपुर। शहर में जगह-जगह खराब और क्षतिग्रस्त सड़कों को लेकर नगर निगम प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है। कानपुर नगर निगम मुख्यालय में महापौर प्रमिला पांडेय की अध्यक्षता में सड़क मरम्मत और विभागीय कार्यों से जुड़ी समस्याओं को लेकर अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लोक निर्माण विभाग (PWD), जल निगम, नगर निगम और KESCO के अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में शहर की खराब सड़कों की स्थिति, विभिन्न विभागों की ओर से किए जा रहे कार्यों के चलते क्षतिग्रस्त हुई सड़कों और लंबित मरम्मत कार्यों को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली गई। महापौर ने संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल के साथ सड़क मरम्मत के काम में तेजी लाने पर जोर दिया।

शहर की खराब सड़कों को लेकर हुई समीक्षा

कानपुर शहर के कई इलाकों में सड़कें खराब होने और जगह-जगह गड्ढों की समस्या सामने आती रही है। कई स्थानों पर पाइपलाइन, सीवर, बिजली और अन्य विभागीय कार्यों के लिए सड़कें खोदी जाती हैं। काम पूरा होने के बाद सड़क की मरम्मत में देरी होने से स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

इन्हीं समस्याओं को लेकर नगर निगम मुख्यालय में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की गई। बैठक का प्रमुख उद्देश्य शहर में क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थिति की समीक्षा करने के साथ-साथ उन स्थानों की जानकारी जुटाना रहा, जहां विभागीय कार्यों के बाद सड़क की मरम्मत अभी तक पूरी नहीं हुई है।

महापौर ने अधिकारियों से सड़क से जुड़े कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली और लंबित कार्यों को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए।

PWD, जल निगम, नगर निगम और KESCO के अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में सड़क निर्माण और उससे जुड़े अलग-अलग कार्यों के लिए जिम्मेदार विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। PWD, जल निगम, नगर निगम और KESCO के अधिकारियों के साथ शहर की सड़कों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि किसी भी विभाग की ओर से सड़क की खुदाई या अन्य कार्य किए जाने के बाद उसे लंबे समय तक उसी स्थिति में न छोड़ा जाए। संबंधित कार्य पूरा होने के बाद सड़क की मरम्मत की प्रक्रिया भी समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए।

इससे सड़क पर गड्ढों और अधूरे मरम्मत कार्यों के कारण होने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिल सकती है।

विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर

महापौर ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। शहर में सड़क से जुड़े कई कार्य अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी के अंतर्गत आते हैं। ऐसे में एक विभाग की ओर से किए गए कार्य का असर दूसरे विभाग के काम पर भी पड़ सकता है।

बैठक में इसी तरह की स्थिति से बचने के लिए विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने पर जोर दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि सड़क से संबंधित कार्यों को आपस में समन्वय स्थापित करते हुए आगे बढ़ाया जाए, जिससे एक ही सड़क को बार-बार खोदने या मरम्मत में अनावश्यक देरी जैसी स्थिति न बने।

नगर आयुक्त की मौजूदगी में हुई चर्चा

बैठक में नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों के साथ शहर की सड़कों की मौजूदा स्थिति और विभागीय कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई।

नगर निगम प्रशासन की ओर से सड़क मरम्मत से जुड़े कार्यों की निगरानी और संबंधित विभागों के साथ समन्वय पर जोर दिया गया। बैठक में उन क्षेत्रों की स्थिति पर भी ध्यान देने की बात सामने आई, जहां लंबे समय से सड़कें खराब हैं या विभागीय कार्यों के बाद मरम्मत लंबित है।

खराब सड़कों से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी

सड़कों की खराब स्थिति का सीधा असर आम लोगों की आवाजाही पर पड़ता है। गड्ढों वाली सड़कों पर दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं पैदल राहगीरों के लिए भी सड़क की खराब स्थिति मुश्किल पैदा करती है।

बारिश के दौरान सड़क पर बने गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। इसके अलावा, सड़क की खुदाई के बाद मरम्मत नहीं होने पर यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ने की संभावना रहती है।

ऐसे में सड़क मरम्मत से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा करना नगर निगम और संबंधित विभागों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सड़क खोदने के बाद मरम्मत में देरी न हो

बैठक में इस बात पर खास जोर दिया गया कि किसी भी विभागीय काम के लिए सड़क खोदे जाने के बाद उसकी मरम्मत को लंबित न रखा जाए। पाइपलाइन, सीवर, बिजली या अन्य आवश्यक कार्यों के लिए सड़क पर काम होने के बाद संबंधित विभाग को आगे की प्रक्रिया के लिए समन्वय बनाए रखना होगा।

इससे सड़क की स्थिति लंबे समय तक खराब रहने की समस्या को कम किया जा सकता है।

महापौर ने अधिकारियों को सड़क मरम्मत के कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। अब इन निर्देशों के बाद संबंधित विभाग किस स्तर पर और कितनी तेजी से कार्रवाई करते हैं, इस पर लोगों की नजर रहेगी।

अब कार्रवाई की रफ्तार पर रहेगी नजर

बैठक के बाद शहर की क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। हालांकि, बैठक में दिए गए निर्देशों का जमीन पर कितना असर दिखाई देता है, यह आने वाले दिनों में संबंधित विभागों की कार्रवाई से स्पष्ट होगा।

नगर निगम प्रशासन के सामने चुनौती यह भी है कि शहर की मौजूदा खराब सड़कों की पहचान के साथ-साथ विभागीय कार्यों के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत को भी तेजी से आगे बढ़ाया जाए।

कानपुर में सड़कें आम लोगों के रोजमर्रा के आवागमन का अहम हिस्सा हैं। ऐसे में सड़क मरम्मत से जुड़े विभागों के बीच बेहतर समन्वय और समयबद्ध कार्रवाई से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

फिलहाल महापौर की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। अब देखना होगा कि इन निर्देशों के बाद शहर के अलग-अलग इलाकों में क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थिति में कितना सुधार आता है।

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