लोड हो रहा है...
ब्रेकिंग न्यूज़
खबरें लोड हो रही हैं...
हमें फॉलो करें :

हमीरपुर: तालाब में गिरने से राजमिस्त्री की मौत

हमीरपुर में तालाब में गिरने से राजमिस्त्री की मौत, परिजनों ने सीसी रोड निर्माण में भ्रष्टाचार का लगाया आरोप

मजदूरी से घर लौटते समय तालाब में गिरने से हादसा

हमीरपुर जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र के पारा गांव में एक दर्दनाक हादसे में राजमिस्त्री की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह रोज की तरह सुमेरपुर से मजदूरी कर अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में काली माई तालाब में गिर गया। हादसे के बाद काफी देर तक उसके घर नहीं पहुंचने पर परिवार वालों को चिंता हुई और उसकी तलाश शुरू की गई।

देर रात तक परिजन और ग्रामीण उसे आसपास के इलाकों में खोजते रहे, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। अगले दिन सुबह तालाब में उसका शव उतराता मिला। शव दिखाई देने के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई और गांव में भी घटना की जानकारी फैल गई।

देर रात तक तलाश, सुबह तालाब में मिला शव

परिजनों के मुताबिक, राजमिस्त्री के निर्धारित समय तक घर नहीं पहुंचने पर उसकी खोजबीन शुरू की गई थी। रात में संभावित स्थानों पर तलाश की गई, लेकिन अंधेरा होने के कारण सफलता नहीं मिली।

सुबह तालाब में शव मिलने के बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच के बाद ही मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

परिवार का इकलौता कमाने वाला बताया गया मृतक

बताया जा रहा है कि मृतक अपने परिवार की आजीविका चलाने के लिए राजमिस्त्री का काम करता था। परिजनों के अनुसार, वही परिवार की कमाई का मुख्य जरिया था। अचानक हुई मौत के बाद परिवार पर आर्थिक संकट भी गहरा गया है।

घटना के बाद से मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार को इस बात का गहरा सदमा है कि जो व्यक्ति रोजी-रोटी कमाकर घर लौट रहा था, वह वापस नहीं पहुंच सका।

ग्रामीणों में भी घटना को लेकर शोक का माहौल है। हादसे की खबर सामने आने के बाद बड़ी संख्या में लोग पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी।

सीसी रोड को लेकर परिजनों ने उठाए सवाल

हादसे के बाद मृतक के परिजनों की ओर से गांव में बनाए गए सीसी रोड को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। परिजनों का आरोप है कि ग्राम प्रधान की ओर से कराए गए सीसी रोड निर्माण में कथित तौर पर भ्रष्टाचार हुआ है और सड़क की स्थिति हादसे की वजह से जुड़ी हो सकती है।

परिजनों का कहना है कि यदि सड़क का निर्माण ठीक तरीके से हुआ होता तो शायद ऐसी स्थिति नहीं बनती। हालांकि, सीसी रोड निर्माण और राजमिस्त्री की मौत के बीच सीधे संबंध की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इसलिए इस आरोप को फिलहाल परिजनों के दावे के तौर पर ही देखा जा रहा है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही सामने आएगी।

पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा

घटना की सूचना मिलने के बाद सुमेरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि राजमिस्त्री तालाब तक किस तरह पहुंचा और किन परिस्थितियों में वह पानी में गिरा। घटनास्थल की स्थिति और आसपास मौजूद लोगों से मिली जानकारी भी जांच का हिस्सा हो सकती है।

इसके अलावा परिजनों की ओर से लगाए गए सीसी रोड निर्माण से जुड़े आरोपों को लेकर भी तथ्य सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

हादसा या किसी अन्य वजह से हुई मौत?

फिलहाल प्राथमिक तौर पर मामला तालाब में गिरने से हुई मौत का बताया जा रहा है। लेकिन मृतक तालाब में किन परिस्थितियों में गिरा, इसे लेकर अभी पूरी तस्वीर साफ नहीं है।

पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पोस्टमार्टम से मौत के कारणों को लेकर चिकित्सकीय जानकारी सामने आएगी, जबकि पुलिस घटनास्थल और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हादसे की परिस्थितियों की पड़ताल करेगी।

यदि जांच में सड़क निर्माण या किसी अन्य वजह का कोई संबंध सामने आता है, तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

ग्रामीणों में भी घटना को लेकर चर्चा

पारा गांव में घटना के बाद ग्रामीणों के बीच हादसे को लेकर चर्चा है। एक तरफ परिवार अपने कमाने वाले सदस्य को खोने के गम में है, वहीं दूसरी ओर परिजनों द्वारा सड़क निर्माण को लेकर लगाए गए आरोपों ने मामले को अलग दिशा दे दी है।

ग्रामीण स्तर पर होने वाले निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में इस घटना के बाद परिजनों की शिकायत की भी जांच जरूरी हो जाती है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि सीसी रोड की स्थिति और हादसे के बीच वास्तव में कोई संबंध था या नहीं।

हालांकि, बिना जांच के किसी व्यक्ति या संस्था को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच का इंतजार

फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के चिकित्सकीय कारणों की जानकारी मिलेगी। वहीं, पुलिस की जांच से यह पता चल सकेगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।

परिजनों की ओर से लगाए गए सीसी रोड निर्माण में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की भी जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। यदि निर्माण कार्य में किसी तरह की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित विभागीय स्तर पर कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।

फिलहाल पारा गांव में एक परिवार ने अपना कमाने वाला सदस्य खो दिया है। घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब परिजनों को पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से घटना की वास्तविक परिस्थितियां सामने आने का इंतजार है।

बाइट: संबंधित अधिकारी/परिजन — उपलब्धता के अनुसार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कानपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय और कथित अनियमितताओं से जुड़ी खबर

कानपुर विकास प्राधिकरण में कथित अनियमितताओं पर उठे सवाल, बर्खास्त कर्मचारी राकेश रावत ने लगाए गंभीर आरोप कानपुर

कानपुर विकास प्राधिकरण में कथित वित्तीय अनियमितताओं और बर्खास्तगी को लेकर पूर्व कर्मचारी राकेश रावत ने सवाल उठाए हैं। मामले में निष्पक्ष जांच और आधिकारिक जवाब की मांग महत्वपूर्ण है।

कानपुर: डॉ. संजय काला की टीम का कमाल! हैलट में जटिल ऑपरेशन कर निकालीं 70 पथरियां

कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने जटिल ऑपरेशन कर 46 वर्षीय मरीज की मुख्य पित्त नली से करीब 70 पथरियां निकालीं। इससे पहले दो ओपन सर्जरी और चार ईआरसीपी प्रयास सफल नहीं हुए थे।

नरेंद्र शर्मा परवाना की भारतीय प्रेस परिषद की सदस्यता तक की प्रेरणादायक यात्रा और 64 वर्षों के जीवन अनुभव

नरेंद्र शर्मा परवाना के 64 वर्षों के अनुभव की कहानी

नरेंद्र शर्मा परवाना का 64 वर्षों का जीवन सफर संस्कार, सेना में सेवा, साहित्य साधना और पत्रकारिता के संघर्ष की प्रेरक कहानी है। भारतीय प्रेस परिषद की सदस्यता तक पहुंचने का उनका सफर मेहनत, अनुशासन और जिम्मेदारी का संदेश देता है।