हमीरपुर: कुनेहटा चौकी पुलिस पर मारपीट का आरोप, पीड़ित ने विपक्षियों से मिलीभगत का लगाया आरोप
हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से पुलिस की कार्यशैली को लेकर एक मामला सामने आया है। बिवार थाना क्षेत्र की कुनेहटा चौकी पुलिस पर एक पीड़ित और उसकी पत्नी के साथ कथित तौर पर मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित कालका ने आरोप लगाया है कि चौकी पुलिस ने उसके और उसकी पत्नी के साथ मारपीट की। साथ ही उसने पुलिस पर विपक्षी पक्ष के साथ मिलीभगत करने का भी आरोप लगाया है।
पीड़ित की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, घटना के दौरान उसके साथ कथित रूप से मारपीट की गई और उसकी पत्नी के साथ भी अभद्रता व मारपीट की गई। पीड़ित का दावा है कि इसी दौरान उसका मोबाइल फोन और उसकी पत्नी का मंगलसूत्र भी छीन लिया गया। घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की है।
कुनेहटा चौकी से जुड़ा है मामला
बताया जा रहा है कि पूरा मामला हमीरपुर के बिवार थाना क्षेत्र में स्थित कुनेहटा पुलिस चौकी से जुड़ा है। पीड़ित कालका के अनुसार, वह अपनी पत्नी के साथ चौकी से जुड़े मामले को लेकर वहां पहुंचा था। इसी दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की गई।
पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसके साथ हुई कार्रवाई सामान्य पुलिस प्रक्रिया का हिस्सा नहीं थी, बल्कि उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। उसने पुलिस पर विपक्षी पक्ष के प्रभाव में कार्रवाई करने का आरोप भी लगाया है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की ओर से इस मामले में क्या स्पष्टीकरण दिया गया है, यह सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
पत्नी के साथ भी मारपीट का आरोप
पीड़ित कालका ने केवल अपने साथ ही नहीं, बल्कि अपनी पत्नी के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि घटना के दौरान उसकी पत्नी के साथ भी कथित तौर पर हाथापाई की गई।
पीड़ित के अनुसार, इसी दौरान उसकी पत्नी का मंगलसूत्र भी गायब हो गया। उसने आरोप लगाया है कि मंगलसूत्र और मोबाइल फोन घटना के दौरान ही छीने गए। इस दावे को लेकर भी पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है।
मामले में मोबाइल फोन और मंगलसूत्र का आरोप सामने आने के बाद विवाद और गंभीर हो गया है। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है तो घटना की जांच में संबंधित परिस्थितियों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी।
विपक्षियों से मिलीभगत का भी आरोप
पीड़ित ने पुलिस पर एक और गंभीर आरोप लगाया है। उसका कहना है कि चौकी पुलिस ने विपक्षी पक्ष के साथ मिलीभगत कर उसके खिलाफ कार्रवाई की। पीड़ित के मुताबिक, पुलिस की कार्रवाई निष्पक्ष नहीं थी और उसे तथा उसकी पत्नी को कथित तौर पर परेशान किया गया।
पुलिस और विपक्षी पक्ष के बीच मिलीभगत के आरोप को लेकर फिलहाल कोई स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इस दावे की वास्तविकता जांच के बाद ही सामने आ सकेगी। मामले में पुलिस की ओर से जांच या किसी वरिष्ठ अधिकारी की ओर से संज्ञान लिया जाता है तो घटनाक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
कार्रवाई की मांग
घटना के बाद पीड़ित कालका ने मामले को लेकर कार्रवाई की मांग की है। उसका कहना है कि उसके और उसकी पत्नी के साथ हुई कथित मारपीट की जांच होनी चाहिए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
पीड़ित ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उसका कहना है कि उसे और उसके परिवार को न्याय मिलना चाहिए।
ऐसे मामलों में पुलिस विभाग की ओर से की जाने वाली जांच महत्वपूर्ण होती है। शिकायत में लगाए गए आरोपों, घटना के समय मौजूद लोगों, संबंधित स्थान पर उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य तथ्यों की जांच के आधार पर ही मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
पुलिस के आधिकारिक पक्ष का इंतजार
कुनेहटा चौकी पुलिस पर लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक पुलिस की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। इसलिए फिलहाल सामने आई जानकारी को पीड़ित के आरोपों के आधार पर ही देखा जा रहा है।
मामले में यदि पुलिस विभाग की ओर से कोई बयान जारी किया जाता है या जांच के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने आती है, तो उससे घटनाक्रम की दूसरी तस्वीर भी सामने आ सकती है।
फिलहाल पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों ने कुनेहटा चौकी पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित दंपती ने मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस और संबंधित अधिकारी इस शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं और जांच के बाद घटना को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।















