जिला स्तरीय सम्मेलन में बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ता और पदाधिकारी, 2027 की तैयारियों को लेकर बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने पर जोर
कानपुर। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। इसी क्रम में कानपुर नगर के घाटमपुर में अपना दल (एस) की ओर से जिला स्तरीय कार्यकर्ता समागम आयोजित किया गया। कैप्टन सुखवासी सिंह जनता महाविद्यालय में हुए इस कार्यक्रम में पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुईं। कार्यक्रम में घाटमपुर विधायक सरोज कुरील समेत पार्टी के पदाधिकारी, स्थानीय नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
घाटमपुर में आयोजित इस कार्यक्रम को पार्टी की संगठनात्मक तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्रम से पहले भी पार्टी की ओर से तैयारियों को लेकर बैठकें और समीक्षा की गई थीं। 23 सितंबर को अपना दल (एस) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आशीष पटेल ने घाटमपुर पहुंचकर कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया था और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठन तथा आगामी चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की थी।
कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के बीच संगठन पर जोर
कार्यकर्ता समागम में अनुप्रिया पटेल ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संगठन को मजबूत करने का संदेश दिया। उन्होंने खास तौर पर बूथ स्तर तक पार्टी की गतिविधियों को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभाने पर जोर दिया।
दरअसल, 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपना दल (एस) अलग-अलग जिलों में कार्यकर्ता सम्मेलनों और संगठनात्मक बैठकों के जरिए अपने कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों से जोड़ रहा है। इससे पहले अंबेडकरनगर में हुए जिला कार्यकर्ता समागम में भी अनुप्रिया पटेल ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने और चुनावी तैयारी में जुटने की अपील की थी।
घाटमपुर में हुए कार्यक्रम में भी इसी तरह का संदेश सामने आया। पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं से क्षेत्र में संगठन को सक्रिय रखने और स्थानीय स्तर पर लोगों से संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
समागम के दौरान अनुप्रिया पटेल ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने विपक्ष पर स्पष्ट नीति और विजन को लेकर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि विपक्ष की राजनीति जनता को गुमराह करने तथा अफवाह फैलाने तक सीमित है।
हालांकि ये राजनीतिक आरोप अनुप्रिया पटेल के बयान के तौर पर ही देखे जाने चाहिए। विपक्षी दलों की ओर से इन आरोपों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।
अपने संबोधन में अनुप्रिया पटेल ने केंद्र और प्रदेश की एनडीए सरकारों की योजनाओं और कामकाज का भी उल्लेख किया। उन्होंने गरीब, किसान, दलित और पिछड़े वर्ग से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार की ओर से किए गए कार्यों को सामने रखा।
2027 को लेकर एनडीए के साथ चुनाव लड़ने की बात
कार्यकर्ता समागम में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी चर्चा के केंद्र में रहीं। अनुप्रिया पटेल पहले भी सार्वजनिक मंचों से कह चुकी हैं कि 2027 का विधानसभा चुनाव एनडीए के सहयोगी दल मिलकर लड़ेंगे।
20 सितंबर को अंबेडकरनगर में हुए कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि एनडीए के सहयोगी दल एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे और जिस सीट पर गठबंधन का प्रत्याशी होगा, वहां सभी घटक दलों के कार्यकर्ता उसके लिए काम करेंगे।
इससे पहले प्रयागराज में भी पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के दौरान चुनावी तैयारियों पर जोर दिया गया था। पार्टी की ओर से बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने की कवायद जारी रहने की बात सामने आई थी।
घाटमपुर में स्थानीय संगठन पर भी फोकस
घाटमपुर के कार्यक्रम में स्थानीय संगठन और क्षेत्रीय नेतृत्व की भूमिका भी दिखाई दी। घाटमपुर विधायक सरोज कुरील समेत स्थानीय पदाधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं को संगठन की गतिविधियों को जमीनी स्तर तक ले जाने और आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए सक्रिय रहने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम से पहले हुई समीक्षा बैठक में भी पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर संगठन को आगे बढ़ाने की अपील की थी। आशीष पटेल ने उस दौरान पार्टी की संगठनात्मक मजबूती और आगामी चुनाव की रणनीति को लेकर कार्यकर्ताओं से संवाद किया था।
कानपुर क्षेत्र में बढ़ रही राजनीतिक गतिविधियां
विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय है, लेकिन राजनीतिक दलों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। अलग-अलग पार्टियां अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें करने और स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियों को तेज करने में जुटी हैं।
घाटमपुर में अपना दल (एस) का यह कार्यक्रम भी इसी व्यापक राजनीतिक सक्रियता का हिस्सा रहा। कार्यक्रम में एक ओर पार्टी नेतृत्व ने सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया, तो दूसरी ओर विपक्ष पर राजनीतिक हमले किए गए और कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी में जुटने का संदेश दिया गया।
अब आने वाले समय में घाटमपुर और आसपास के इलाकों में पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियां किस तरह आगे बढ़ती हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। खासतौर पर बूथ स्तर पर संगठन को कितना सक्रिय किया जाता है और स्थानीय मुद्दों को लेकर पार्टी किस तरह जनता के बीच जाती है, इस पर क्षेत्र की राजनीतिक गतिविधियां निर्भर रहेंगी।
फिलहाल घाटमपुर के कार्यकर्ता समागम ने यह साफ कर दिया है कि 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपना दल (एस) ने संगठनात्मक तैयारियों पर ध्यान बढ़ा दिया है। पार्टी नेतृत्व का फोकस कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने पर है।















