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कानपुर में टेंट कारोबारियों से 9 लाख की ठगी

कानपुर में टेंट कारोबारियों से ठगी के मामले में गिरफ्तार आरोपी

कानपुर में टेंट कारोबारियों से 9 लाख की ठगी

शादी और भंडारे के नाम पर टेंट कारोबारियों को बनाया निशाना

कानपुर में टेंट कारोबार से जुड़े कई लोगों के साथ कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि चाचा-भतीजे की जोड़ी ने शादी, भंडारे और अन्य समारोहों का हवाला देकर अलग-अलग टेंट कारोबारियों से सामान बुक कराया और बाद में उसे वापस करने के बजाय कबाड़ में बेच दिया।

पुलिस के मुताबिक, इस मामले में सुमित और अमित को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में करीब 9 लाख रुपये के सामान की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों ने कितने कारोबारियों को अपना निशाना बनाया और इस मामले में कुल कितने सामान की हेराफेरी की गई।

अलग-अलग टेंट हाउस से बुक कराया जाता था सामान

आरोप है कि दोनों आरोपी एक ही स्थान पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग समय पर अलग-अलग टेंट हाउस में पहुंचते थे। वहां शादी, भंडारे या किसी अन्य आयोजन की जरूरत बताकर टेंट और समारोह से जुड़ा सामान बुक कराया जाता था।

टेंट कारोबार में आमतौर पर आयोजनों के लिए बड़ी मात्रा में बर्तन और अन्य सामान किराये पर दिया जाता है। आरोपियों ने इसी कारोबारी प्रक्रिया का फायदा उठाकर सामान अपने कब्जे में लिया।

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि अलग-अलग कारोबारियों से अलग-अलग प्रकार की वस्तुएं ली गई थीं।

बर्तन से लेकर परात और दरी तक लिया सामान

टेंट कारोबारियों के अनुसार, कथित तौर पर आरोपियों ने किसी से बर्तन लिए तो किसी से बड़े भगोने और कढ़ाई बुक कराई। इसके अलावा परात, दरी और समारोहों में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी ली गई।

शुरुआत में कारोबारियों को शक न हो, इसके लिए मामूली रकम बतौर पेशगी देने का आरोप है। इससे कारोबारियों को लगा कि सामने वाला ग्राहक सामान्य तरीके से सामान किराये पर ले रहा है और कार्यक्रम खत्म होने के बाद पूरी सामग्री वापस कर दी जाएगी।

पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि कितने कारोबारियों को इसी तरीके से संपर्क किया गया था।

थोड़ी पेशगी देकर बनाया भरोसा

इस कथित ठगी में भरोसा जीतने का तरीका भी जांच का अहम हिस्सा है। आरोप है कि आरोपियों ने सामान लेते समय कुछ रकम पहले दी, जिससे टेंट कारोबारियों को लेनदेन सामान्य नजर आया।

सामान कार्यक्रम के लिए दिए जाने के बाद जब उसे निर्धारित समय पर वापस नहीं किया गया तो कारोबारियों ने संपर्क करना शुरू किया। बताया जा रहा है कि एक के बाद एक कई कारोबारियों का सामान वापस न आने पर उन्हें पूरे मामले में गड़बड़ी की आशंका हुई।

इसके बाद प्रभावित कारोबारियों ने आपस में जानकारी जुटाई और पुलिस से शिकायत की।

करीब 9 लाख रुपये के सामान की ठगी का मामला

पुलिस जांच में फिलहाल करीब 9 लाख रुपये के सामान से जुड़ी कथित ठगी सामने आने की बात कही जा रही है। यह रकम अलग-अलग टेंट कारोबारियों से लिए गए सामान के अनुमानित मूल्य से जुड़ी बताई जा रही है।

पुलिस अब सामान की पूरी सूची और उसकी कीमत का सत्यापन कर रही है। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कथित तौर पर बेचे गए सामान को किन जगहों पर पहुंचाया गया।

यदि पुलिस जांच में अन्य कारोबारियों से भी इसी तरह सामान लेने की बात सामने आती है तो मामले में ठगी की कुल रकम बढ़ सकती है।

पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दो आरोपियों को पकड़ा

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने सुमित और अमित को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तारी के बाद दोनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि सामान को कबाड़ में बेचने का कथित नेटवर्क कैसे काम करता था और क्या आरोपियों के संपर्क में कोई अन्य व्यक्ति भी था।

जांच में आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड और उनके पहले के लेनदेन को भी खंगाला जा सकता है।

पुराने मामलों की भी पड़ताल कर रही पुलिस

पुलिस अब केवल मौजूदा शिकायत तक सीमित नहीं रहना चाहती। जांच का एक प्रमुख पहलू यह पता लगाना है कि क्या दोनों आरोपियों ने इससे पहले भी किसी अन्य टेंट कारोबारी या दूसरे व्यवसायी से इसी तरह सामान लिया था।

इसके लिए पुलिस उनके पुराने रिकॉर्ड, संपर्कों और कथित तौर-तरीकों की जानकारी जुटा रही है। यदि पुराने मामलों से कोई कड़ी जुड़ती है तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सामान को कबाड़ में बेचने में किसी कबाड़ी या अन्य व्यक्ति की भूमिका रही या नहीं।

पांच किलोमीटर के दायरे में कई कारोबारियों तक पहुंच

मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू यह बताया जा रहा है कि कथित ठगी का दायरा करीब पांच किलोमीटर के क्षेत्र में रहने वाले या कारोबार करने वाले कई टेंट व्यवसायियों तक पहुंचा।

एक ही इलाके में कई कारोबारियों के साथ समान तरीके से सामान लेने का आरोप सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को विस्तार से खंगालना शुरू किया है।

जांच अधिकारियों के सामने यह पता लगाना भी चुनौती है कि आरोपियों ने किन-किन दुकानों से सामान लिया और कितने सामान की वापसी नहीं हुई।

टेंट कारोबारियों के बीच बढ़ी सतर्कता

इस घटना के बाद टेंट कारोबार से जुड़े लोगों के बीच भी सामान किराये पर देने की प्रक्रिया को लेकर सतर्कता बढ़ने की बात सामने आई है। बड़े समारोहों के नाम पर सामान बुक करने वाले ग्राहकों की पहचान और पते की पुष्टि जैसे पहलुओं पर कारोबारी अधिक सावधानी बरत सकते हैं।

टेंट कारोबार में बर्तन, दरी, कुर्सी, मेज और अन्य सामग्री बड़ी मात्रा में किराये पर दी जाती है। ऐसे में सामान की वापसी कारोबारी के लिए महत्वपूर्ण होती है।

पूछताछ के बाद सामने आ सकता है पूरा नेटवर्क

फिलहाल सुमित और अमित पुलिस की गिरफ्त में हैं। दोनों से पूछताछ के आधार पर पुलिस कथित ठगी के पूरे तरीके और सामान की बिक्री से जुड़ी जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है।

पुलिस के सामने अब यह पता लगाना अहम है कि कथित तौर पर कितने टेंट कारोबारी इस मामले से प्रभावित हुए, कुल कितना सामान लिया गया, उसे कहां बेचा गया और क्या इस काम में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।

आगे की जांच और बरामदगी के आधार पर मामले में तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल करीब 9 लाख रुपये के सामान की कथित ठगी और दो आरोपियों की गिरफ्तारी इस मामले की जांच का मुख्य आधार है।

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