कुशीनगर में बाढ़ का खतरा बढ़ा, नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांव अलर्ट पर
कुशीनगर। नेपाल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में भी दिखाई देने लगा है। नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर ने नदी किनारे बसे इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। गंडक बैराज से नारायणी नदी में करीब 2 लाख 73 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है।
नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही खड्डा और तमकुही तहसील क्षेत्र के कई गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। प्रशासन की ओर से नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
नेपाल की बारिश का दिख रहा असर
नेपाल के कई इलाकों में लगातार भारी बारिश हो रही है। इसी बारिश के चलते नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। नारायणी नदी में भी पानी का प्रवाह बढ़ने से कुशीनगर के सीमावर्ती और नदी किनारे बसे इलाकों में हालात पर नजर रखी जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 9 बजे तक गंडक बैराज से नारायणी नदी में लगभग 2 लाख 73 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। इतनी बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
नदी के बढ़ते पानी ने उन इलाकों में चिंता बढ़ा दी है, जहां ग्रामीण आबादी नदी के आसपास रहती है।
लगातार बारिश ने बढ़ाई चिंता
कुशीनगर में भी पिछले 24 घंटे से बारिश का सिलसिला जारी है। लगातार बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर का असर ग्रामीण इलाकों में दिखाई देने लगा है।
बारिश के कारण पहले से ही निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। ऐसे में यदि नारायणी नदी का जलस्तर और बढ़ता है तो नदी के आसपास बसे गांवों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
खड्डा और तमकुही तहसील के कई गांवों को बाढ़ की आशंका के मद्देनजर संवेदनशील माना जा रहा है। प्रशासन इन क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
नदी किनारे रहने वालों को अलर्ट
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वे नदी के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।
ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर प्रशासन की तैयारियों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रशासन की स्थिति पर नजर
नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन लगातार हालात पर नजर रख रहा है। नदी के जलस्तर और बारिश की स्थिति में होने वाले बदलाव के आधार पर आगे के कदम उठाए जा सकते हैं।
फिलहाल सबसे बड़ी चिंता यह है कि नेपाल में बारिश का सिलसिला कितना लंबा चलता है और गंडक बैराज से आने वाले पानी की मात्रा में आगे क्या बदलाव होता है। यदि बारिश जारी रहती है और नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता है तो निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है।
कुशीनगर में नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों के लिए प्रशासन की ओर से सतर्कता बरतने की सलाह महत्वपूर्ण हो गई है। ग्रामीणों को भी नदी के बढ़ते पानी और स्थानीय प्रशासन की सूचनाओं पर नजर रखने की जरूरत है।
गांवों पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा
खड्डा और तमकुही तहसील के कई गांवों में बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंता बनी हुई है। नदी के आसपास रहने वाले परिवारों के लिए बारिश और बढ़ते पानी ने परेशानी बढ़ा दी है।
हालांकि फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन लगातार बारिश की वजह से परिस्थितियां बदल सकती हैं। ऐसे में राहत और बचाव से जुड़े इंतजामों को तैयार रखना भी जरूरी है।
नेपाल में हो रही भारी बारिश और गंडक बैराज से छोड़े गए पानी के बीच नारायणी नदी का बढ़ता जलस्तर कुशीनगर के लिए फिलहाल चिंता का विषय बना हुआ है। अब प्रशासन के सामने चुनौती नदी किनारे बसे गांवों को सुरक्षित रखने और संभावित बाढ़ की स्थिति में समय रहते लोगों तक राहत पहुंचाने की है।















