हमीरपुर में ब्लैक थार वाले दबंगों का आतंक? घर के बाहर गाली-गलौज और धमकी का आरोप
सुमेरपुर में ब्लैक थार से पहुंचे लोगों पर गंभीर आरोप
हमीरपुर के सुमेरपुर कस्बे से दबंगई और धमकी से जुड़ा एक मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि ब्लैक थार से कुछ लोग उसके घर के बाहर पहुंचे और वहां गाली-गलौज की। घटना के बाद से कथित तौर पर उसे लगातार फोन कॉल के जरिए जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।
इस मामले से जुड़ा एक CCTV वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक ब्लैक थार पीड़ित के घर के आसपास दिखाई दे रही है। वीडियो को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा हो रही है। हालांकि CCTV में कैद गतिविधियों की पूरी परिस्थितियों और उसमें शामिल लोगों की पहचान को लेकर पुलिस की आधिकारिक पुष्टि सामने आना बाकी है।
CCTV में घर के बाहर पहुंचती दिखी ब्लैक थार
पीड़ित के मुताबिक, घटना के दौरान ब्लैक थार से कुछ लोग उसके घर के बाहर पहुंचे थे। आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद उन्होंने गाली-गलौज की और माहौल को तनावपूर्ण बनाने की कोशिश की।
घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज में एक काले रंग की थार घर के बाहर दिखाई देती है। इसी फुटेज को लेकर पीड़ित पक्ष का दावा है कि इसी वाहन से कथित तौर पर आरोपी लोग वहां पहुंचे थे।
वीडियो सामने आने के बाद इलाके में घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की भूमिका और घटना के पूरे क्रम की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पीड़ित ने फोन पर धमकी देने का लगाया आरोप
पीड़ित का कहना है कि घर के बाहर हुई कथित घटना के बाद उसकी परेशानी खत्म नहीं हुई। उसका आरोप है कि इसके बाद लगातार फोन करके उसे जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।
पीड़ित ने दावा किया है कि फोन कॉल के जरिए उस पर दबाव बनाया जा रहा है। इन कथित धमकियों के चलते परिवार के बीच भी चिंता का माहौल है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित ने पुलिस से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की है। हालांकि धमकी देने वाले फोन नंबरों, कॉल रिकॉर्ड या आरोपियों की पहचान को लेकर पुलिस की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
चार दिन से थाने के चक्कर लगाने का दावा
पीड़ित का आरोप है कि उसने घटना को लेकर पुलिस को तहरीर दी थी। उसका कहना है कि तहरीर दिए जाने के बावजूद चार दिन बीत गए और उसे कार्रवाई के लिए लगातार थाने के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
पीड़ित का दावा है कि उसे अभी तक मामले में अपेक्षित कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली है। इसी वजह से उसने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
हालांकि किसी शिकायत पर पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई, जांच की स्थिति या तहरीर पर दर्ज मुकदमे की जानकारी आधिकारिक रूप से सामने आने के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
तहरीर वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप
मामले में एक और गंभीर आरोप पीड़ित की ओर से लगाया गया है। पीड़ित का कहना है कि कथित दबंग उस पर पुलिस को दी गई तहरीर वापस लेने का दबाव बना रहे हैं।
पीड़ित के मुताबिक, एक तरफ उसे कथित तौर पर फोन पर धमकियां मिल रही हैं और दूसरी तरफ शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इन आरोपों के चलते उसने पुलिस से मामले को गंभीरता से लेने और उसे सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
अगर शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो धमकी देने और शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाने जैसे पहलुओं पर भी पुलिस जांच कर सकती है।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस कार्रवाई पर सवाल
सुमेरपुर में सामने आए इस मामले में CCTV फुटेज ने स्थानीय स्तर पर चर्चा बढ़ा दी है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब घटना से संबंधित वीडियो मौजूद है और पुलिस को तहरीर भी दी जा चुकी है, तो मामले में जल्द कार्रवाई होनी चाहिए।
इसी को लेकर अब पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि पुलिस की जांच और आधिकारिक बयान सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और CCTV फुटेज से जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।
किसी भी CCTV वीडियो को अंतिम प्रमाण मानने से पहले उसके स्रोत, समय, स्थान और उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की पुष्टि जरूरी होती है। इसलिए इस मामले में पुलिस जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
न्याय नहीं मिला तो पुलिस कप्तान से मिलने की बात
पीड़ित ने कहा है कि अगर उसे स्थानीय स्तर पर न्याय नहीं मिलता है तो वह पुलिस कप्तान के पास पहुंचकर अपनी शिकायत रखेगा। उसने अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है।
पीड़ित का कहना है कि वह लगातार पुलिस से कार्रवाई की उम्मीद कर रहा है। उसका आरोप है कि शिकायत के बाद भी कथित धमकियां जारी हैं, जिससे परिवार को डर का सामना करना पड़ रहा है।
अब इस मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। यदि पुलिस CCTV फुटेज, कॉल डिटेल और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करती है तो घटना की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरे मामले की तस्वीर
फिलहाल सुमेरपुर का यह मामला पीड़ित के आरोपों, CCTV फुटेज और पुलिस को दी गई तहरीर के इर्द-गिर्द है। ब्लैक थार से पहुंचे लोगों पर लगाए गए आरोप, गाली-गलौज, फोन पर धमकी और तहरीर वापस लेने के कथित दबाव की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की पुष्टि हो सकेगी।
पीड़ित ने अधिकारियों से जल्द कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस इस शिकायत पर क्या कदम उठाती है और CCTV फुटेज व अन्य साक्ष्यों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।















