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सीतापुर में 27 लाख की ठगी, दंपत्ति गिरफ्तार

फर्जी बैंक मैनेजर और आयकर निरीक्षक बनकर 27 लाख की ठगी, दंपत्ति गिरफ्तार

सीतापुर में ठगी के एक मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। कोतवाली नगर पुलिस और स्वाट टीम ने ऐसे दंपत्ति को गिरफ्तार किया है, जिन पर फर्जी बैंक मैनेजर और आयकर निरीक्षक बनकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी सस्ते दाम पर नीलामी का सोना दिलाने और पुराने नोट बदलवाने का झांसा देकर करीब 27 लाख रुपये की ठगी कर चुके थे।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 14 लाख रुपये की नकदी, करीब 38.740 ग्राम सोने के आभूषण, फर्जी पहचान पत्र और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में इस गिरोह के कई राज्यों में इसी तरह की घटनाओं में शामिल होने की जानकारी सामने आई है। मामले की जांच आगे भी जारी है।

कोतवाली नगर और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई

सीतापुर में ठगी की शिकायतों की जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के बारे में अहम जानकारी मिली। इसके बाद कोतवाली नगर पुलिस और स्वाट टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए दंपत्ति को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी अपनी पहचान बदलकर लोगों से संपर्क करते थे और खुद को बैंक तथा आयकर विभाग से जुड़ा अधिकारी बताते थे। सरकारी विभागों से जुड़ी पहचान का इस्तेमाल कर वे लोगों में भरोसा पैदा करने की कोशिश करते थे।

बैंक मैनेजर और आयकर निरीक्षक बनकर करते थे संपर्क

पुलिस का आरोप है कि दंपत्ति ठगी के लिए अलग-अलग पहचान का इस्तेमाल करते थे। कभी खुद को बैंक मैनेजर तो कभी आयकर निरीक्षक बताकर लोगों से संपर्क किया जाता था।

इस तरह की पहचान के जरिए आरोपियों द्वारा लोगों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की जाती थी कि उनके पास बैंक या सरकारी प्रक्रिया से जुड़े विशेष अवसर और जानकारी उपलब्ध है। इसके बाद उन्हें कम कीमत में सोना उपलब्ध कराने या पुराने नोट बदलने जैसे प्रस्ताव दिए जाते थे।

नीलामी का सोना सस्ते में दिलाने का झांसा

पुलिस के मुताबिक, ठगी का एक तरीका लोगों को नीलामी में निकले सोने को बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर दिलाने का झांसा देना था। आरोपियों द्वारा कथित तौर पर लोगों को बताया जाता था कि बैंक या अन्य प्रक्रिया के जरिए सोना उपलब्ध कराया जा रहा है।

कम कीमत पर सोना मिलने की बात सुनकर लोग उनके संपर्क में आते थे। इसके बाद रकम लेने का सिलसिला शुरू होता था। पुलिस का दावा है कि इसी तरीके से आरोपियों ने कई लोगों से रकम हासिल की।

पुराने नोट बदलवाने के नाम पर भी ठगी

पुलिस के अनुसार, दंपत्ति पुराने नोट बदलवाने के नाम पर भी लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। सरकारी विभाग से जुड़े व्यक्ति के तौर पर पहचान बताकर वे लोगों को यह भरोसा दिलाने का प्रयास करते थे कि नोट बदलवाने की प्रक्रिया उनके माध्यम से आसानी से पूरी हो सकती है।

पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर इस तरीके से भी लोगों से रकम लेने की बात कही गई है। कुल मिलाकर करीब 27 लाख रुपये की ठगी किए जाने का पुलिस ने दावा किया है।

14 लाख रुपये नकद और सोने के आभूषण बरामद

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकदी और अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, उनके पास से 14 लाख रुपये नकद मिले हैं।

इसके अलावा करीब 38.740 ग्राम सोने के आभूषण भी बरामद किए गए हैं। जांच टीम ने फर्जी पहचान पत्र और मोबाइल फोन भी कब्जे में लिए हैं। पुलिस अब बरामद सामान और मोबाइल फोन में उपलब्ध जानकारी के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।

कई राज्यों में ठगी का पुलिस ने जताया शक

पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई राज्यों में इसी तरह की ठगी की घटनाओं से जुड़े संकेत मिले हैं। हालांकि, इन मामलों में आरोपियों की वास्तविक भूमिका जांच और संबंधित राज्यों की पुलिस से मिलने वाली जानकारी के आधार पर स्पष्ट होगी।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि दंपत्ति ने कितने लोगों को अपना निशाना बनाया और ठगी से जुड़ी रकम या अन्य सामान कहां-कहां रखा गया।

फर्जी पहचान पत्र और मोबाइल से खुल सकते हैं राज

आरोपियों के पास से मिले फर्जी पहचान पत्र और मोबाइल फोन पुलिस जांच में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। पुलिस इन दस्तावेजों और मोबाइल से प्राप्त जानकारी के आधार पर आरोपियों के संपर्कों और उनकी गतिविधियों की जांच कर सकती है।

जांच में यह भी देखा जा रहा है कि ठगी के लिए किन लोगों से संपर्क किया गया था और क्या इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं।

पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम

इस कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम के प्रयासों को देखते हुए 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले का खुलासा करने वाली टीम ने आरोपियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

एसपी अंकुर अग्रवाल ने मामले से जुड़े पुलिस कार्रवाई और बरामदगी की जानकारी दी। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

ठगी के तरीके की भी होगी जांच

पुलिस जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना है कि आरोपी लोगों को किस तरह अपने विश्वास में लेते थे। फर्जी सरकारी पहचान, सस्ते सोने का प्रस्ताव और पुराने नोट बदलने जैसी बातों के जरिए लोगों को आकर्षित करने की रणनीति अपनाए जाने की बात सामने आई है।

पुलिस अब यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने ठगी के लिए कितने नाम और पहचान का इस्तेमाल किया। बरामद मोबाइल फोन और दस्तावेजों की जांच से इस बारे में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

जांच के बाद सामने आएगी ठगी के नेटवर्क की पूरी तस्वीर

फिलहाल दंपत्ति की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जांच आगे बढ़ रही है। करीब 27 लाख रुपये की कथित ठगी के अलावा दूसरे राज्यों में दर्ज मामलों से इनके संबंधों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, बरामद नकदी, सोने के आभूषण, फर्जी पहचान पत्र और मोबाइल फोन जांच में अहम साक्ष्य हो सकते हैं। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और संबंधित मामलों के आधार पर की जाएगी।

इस मामले में पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी। फिलहाल सीतापुर पुलिस दंपत्ति से पूछताछ कर कथित ठगी के नेटवर्क और अन्य संभावित पीड़ितों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

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