छुट्टी पर घर आई 22 वर्षीय महिला सिपाही की मौत, रेउना के गिरसी गांव में मचा हड़कंप
कानपुर के रेउना थाना क्षेत्र के गिरसी गांव में छुट्टी पर घर आई एक 22 वर्षीय महिला सिपाही की मौत से परिवार में मातम छा गया। महिला सिपाही रायबरेली जिले के मोहनगंज थाने में आरक्षी के पद पर तैनात थी और कुछ दिन पहले ही छुट्टी लेकर अपने घर पहुंची थी। बुधवार दोपहर घर में उसकी हालत गंभीर मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में भी शोक का माहौल बन गया। महिला सिपाही के परिवार और आसपास के लोगों के बीच घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन फिलहाल उसकी मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
गिरसी गांव में महिला सिपाही की मौत से सनसनी
मामला रेउना थाना क्षेत्र के गिरसी गांव का है। यहां रहने वाली 22 वर्षीय महिला सिपाही कुछ समय से पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं दे रही थी। उसकी तैनाती रायबरेली जिले के मोहनगंज थाने में आरक्षी के पद पर बताई गई है।
परिजनों के मुताबिक वह छुट्टी लेकर अपने घर आई थी। घर आने के बाद वह परिवार के साथ थी। बुधवार दोपहर घर में ऐसी स्थिति सामने आई, जिसके बाद परिवार में हड़कंप मच गया। परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलने के बाद रेउना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस ने परिवार के सदस्यों से भी घटना से संबंधित जानकारी ली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ घटनास्थल से मिले तथ्यों और परिजनों के बयानों को जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।
रायबरेली के मोहनगंज थाने में थी तैनाती
मृतका की पहचान विजय सिंह की बेटी के रूप में बताई गई है। वह रायबरेली जिले के मोहनगंज थाने में आरक्षी के पद पर तैनात थी। पुलिस सेवा में होने के कारण उसकी तैनाती घर से दूसरे जिले में थी।
छुट्टी के दौरान वह अपने पैतृक घर आई थी। परिवार के लिए यह समय सामान्य छुट्टी की तरह ही था, लेकिन अचानक हुई इस घटना ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया।
मौत की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं
महिला सिपाही की मौत के पीछे क्या कारण रहा, इसका अभी पता नहीं चल सका है। पुलिस ने फिलहाल किसी एक वजह को घटना का कारण नहीं बताया है।
जांच अधिकारियों की ओर से परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा महिला सिपाही की हाल की परिस्थितियों और उससे जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा सकती है।
किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों का इंतजार करेगी।
परिवार के लोगों से पुलिस कर रही पूछताछ
घटना के बाद पुलिस ने परिवार के सदस्यों से बातचीत की है। महिला सिपाही के घर आने के बाद की परिस्थितियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले उसकी स्थिति सामान्य थी या परिवार ने उसके व्यवहार अथवा परिस्थितियों में किसी तरह का बदलाव महसूस किया था। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी कारण को घटना से जोड़ना जल्दबाजी होगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिलेगी अहम जानकारी
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट घटना की परिस्थितियों को समझने में महत्वपूर्ण हो सकती है। रिपोर्ट आने के बाद पुलिस जांच को आगे बढ़ाएगी।
इसके साथ ही पुलिस घटनास्थल से जुड़े अन्य तथ्यों को भी देख रही है। यदि जांच में कोई नया तथ्य सामने आता है तो उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस विभाग में भी घटना की जानकारी पहुंची
महिला सिपाही की तैनाती रायबरेली के मोहनगंज थाने में थी। ऐसे में घटना की जानकारी उसके विभागीय अधिकारियों तक भी पहुंची है। एक युवा पुलिसकर्मी की मौत से उसके परिचितों और सहकर्मियों में भी शोक का माहौल है।
परिवार के लिए यह घटना इसलिए भी बेहद दुखद है क्योंकि महिला सिपाही पुलिस सेवा में रहते हुए अपने भविष्य को लेकर आगे बढ़ रही थी। छुट्टी पर घर आने के दौरान हुई इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
जांच के बाद ही सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल रेउना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों के बयान और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। फिलहाल मौत के पीछे की वजह को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
गिरसी गांव में घटना के बाद शोक का माहौल है। वहीं, परिवार और स्थानीय लोग पुलिस जांच के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियां सामने आ सकें।















