हमीरपुर में संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत, डीएम ने हरी झंडी दिखाकर रवाना की जागरूकता रैली
हमीरपुर में संचारी रोगों की रोकथाम और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान की शुरुआत की गई। जिले में 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलने वाले संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ जिलाधिकारी अशोक कुमार ने किया। इस दौरान उन्होंने फीता काटने के साथ हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रैली को रवाना किया।
अभियान के तहत जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा जलभराव वाले स्थानों की निगरानी, मच्छरों के लार्वा को खत्म करने के लिए एंटी लार्वा का छिड़काव और आम लोगों को संचारी रोगों से बचाव के उपायों की जानकारी देने का काम किया जाएगा। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ स्कूली छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों ने भी भाग लिया।
एक महीने तक चलेगा विशेष अभियान
संचारी रोग नियंत्रण अभियान 1 अक्टूबर से शुरू होकर 31 अक्टूबर तक चलेगा। अभियान का उद्देश्य ऐसे रोगों की रोकथाम के लिए पहले से जरूरी कदम उठाना है, जिनका संबंध गंदगी, दूषित पानी, जलभराव और मच्छरों की बढ़ती संख्या से हो सकता है।
अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग और संबंधित विभागों के कर्मचारी अपने-अपने क्षेत्रों में गतिविधियां संचालित करेंगे। लोगों को अपने घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, साफ-सफाई रखने तथा मच्छरों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने के बारे में जानकारी दी जाएगी।
डीएम ने हरी झंडी दिखाकर रवाना की जागरूकता रैली
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी अशोक कुमार ने अभियान की औपचारिक शुरुआत की। उन्होंने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रैली को रवाना किया। रैली में स्कूली छात्र-छात्राओं ने भी हिस्सा लिया और लोगों को संचारी रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया।
रैली के जरिए लोगों से अपील की गई कि वे अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखें। खासतौर पर ऐसे स्थानों पर ध्यान देने को कहा गया जहां बारिश के बाद पानी जमा हो जाता है और मच्छरों के पनपने की संभावना रहती है।
जलभराव वाले स्थानों पर रहेगी निगरानी
अभियान के दौरान जलभराव वाले स्थानों की पहचान और निगरानी पर भी जोर दिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहरी इलाकों में भी ऐसे स्थानों को चिह्नित किया जाएगा, जहां लंबे समय तक पानी जमा रहता है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा संबंधित विभागों के सहयोग से आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। जरूरत के अनुसार एंटी लार्वा का छिड़काव किया जाएगा, ताकि मच्छरों के लार्वा को नियंत्रित किया जा सके।
एंटी लार्वा छिड़काव और साफ-सफाई पर जोर
संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत एंटी लार्वा गतिविधियों को भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऐसे स्थानों पर कार्रवाई की जाएगी जहां मच्छरों के प्रजनन की संभावना अधिक होती है।
इसके साथ ही लोगों को व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा। अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि बीमारी फैलने के बाद उपचार करने के बजाय उसके संभावित कारणों को पहले ही नियंत्रित किया जाए।
अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए गए निर्देश
अभियान के शुभारंभ के दौरान जिलाधिकारी अशोक कुमार ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को अभियान को प्रभावी तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ-सफाई और संचारी रोगों की रोकथाम से जुड़े कार्यों में विभागीय समन्वय पर जोर दिया।
अभियान की गतिविधियों को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रखने के बजाय जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने की जरूरत बताई गई। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में चलने वाली गतिविधियों की निगरानी और आवश्यक कार्रवाई पर भी ध्यान दिया जाएगा।
स्कूली बच्चों ने भी लिया हिस्सा
जागरूकता अभियान में स्कूली छात्र-छात्राओं की भागीदारी भी देखने को मिली। बच्चों ने रैली के माध्यम से स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी संदेश लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया।
रैली के दौरान लोगों से घर के आसपास सफाई रखने, पानी जमा न होने देने और मच्छरों से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील की गई। स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने में इस तरह के कार्यक्रमों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों की रहेगी भूमिका
पूरे अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमों की भूमिका अहम रहेगी। अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा क्षेत्रवार गतिविधियां संचालित की जाएंगी। अभियान के दौरान लोगों को संचारी रोगों से बचाव के तरीके बताए जाएंगे और संभावित जोखिम वाले स्थानों पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इसके साथ ही स्थानीय निकायों और अन्य संबंधित विभागों के सहयोग से साफ-सफाई तथा जलभराव की समस्या को दूर करने के प्रयास किए जाएंगे। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए विभागों के बीच समन्वय पर भी जोर दिया गया है।
कार्यक्रम में कई अधिकारी और लोग रहे मौजूद
अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान संचारी रोगों से बचाव और स्वच्छता को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। अधिकारियों ने लोगों से अभियान में सहयोग करने और अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने की अपील की।
लोगों की भागीदारी से अभियान को मिलेगी मजबूती
संचारी रोगों की रोकथाम केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है। घरों के आसपास पानी जमा न होने देना, कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालना और साफ-सफाई बनाए रखना जैसे छोटे प्रयास बीमारी के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं।
हमीरपुर में शुरू हुआ यह अभियान पूरे अक्टूबर महीने तक चलेगा। इस दौरान साफ-सफाई, एंटी लार्वा छिड़काव और जनजागरूकता गतिविधियों के जरिए संचारी रोगों की रोकथाम पर काम किया जाएगा। अभियान की सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि प्रशासनिक प्रयासों के साथ आम लोग कितनी सक्रियता से इसमें भाग लेते हैं।















