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राशन कार्ड पर बड़ा अपडेट, e-KYC जरूरी

अक्टूबर 2026 से राशन कार्ड पर नई SMART-PDS व्यवस्था

राशन कार्ड पर बड़ा अपडेट, e-KYC जरूरी

1 अक्टूबर से SMART-PDS में बदलेगी व्यवस्था

राशन कार्ड धारकों के लिए अक्टूबर 2026 से सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS में एक महत्वपूर्ण बदलाव लागू होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किए गए राशन कार्डों और डुप्लीकेट लाभार्थियों की पहचान तथा सत्यापन के लिए नई व्यवस्था तैयार की है। यह व्यवस्था SMART-PDS में 1 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाली है।

इस प्रक्रिया के तहत ऐसे राशन कार्डों को अस्थायी रूप से निष्क्रिय किया जा सकता है, जिनसे लगातार छह महीने तक खाद्यान्न का लाभ नहीं लिया गया है। इन्हें ‘Silent Ration Cards’ की श्रेणी में रखा जा रहा है।

करीब 1.58 करोड़ लाभार्थियों पर असर

29 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र अक्टूबर से करीब 15.8 मिलियन यानी लगभग 1 करोड़ 58 लाख लाभार्थियों के राशन लाभ को अस्थायी रूप से निष्क्रिय करने की तैयारी में है। ये वे लाभार्थी बताए गए हैं जिनके राशन कार्ड से पिछले छह महीनों में खाद्यान्न का लाभ नहीं लिया गया।

हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि इस प्रक्रिया का मतलब तत्काल स्थायी रूप से राशन कार्ड खत्म करना नहीं है। नई व्यवस्था में पहले अस्थायी disablement का प्रावधान है और उसके बाद पात्रता दोबारा सत्यापित करने का अवसर दिया जाएगा।

तीन महीने तक e-KYC से दोबारा सक्रिय कराने का मौका

सरकार की नई व्यवस्था में प्रभावित लाभार्थियों के लिए तीन महीने की revalidation window रखी गई है। इस अवधि में पात्र लाभार्थी e-KYC और निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर अपने राशन लाभ को दोबारा सक्रिय करा सकते हैं।

यानी यदि किसी परिवार ने लंबे समय से राशन नहीं लिया है, लेकिन वह अभी भी योजना के लिए पात्र है, तो केवल राशन नहीं लेने की वजह से उसका लाभ हमेशा के लिए खत्म नहीं होगा। उसे निर्धारित अवधि में अपनी पात्रता और पहचान का सत्यापन कराना होगा।

‘Silent Ration Card’ का क्या मतलब है?

नई व्यवस्था में ‘Silent Ration Card’ ऐसे कार्ड को कहा जा रहा है, जिसके जरिए लगातार छह महीने तक खाद्यान्न का लाभ नहीं लिया गया हो। ऐसे रिकॉर्ड की पहचान SMART-PDS के माध्यम से की जाएगी।

इसके पीछे सरकार का उद्देश्य PDS डेटाबेस को अधिक सटीक और अपडेट रखना है। सरकार के मुताबिक, इससे लंबे समय से निष्क्रिय रिकॉर्ड, डुप्लीकेट लाभार्थियों, मृत व्यक्तियों या अन्य कारणों से अपात्र हो चुके रिकॉर्ड की पहचान करने में मदद मिलेगी।

डुप्लीकेट लाभार्थियों की भी होगी पहचान

नई प्रक्रिया केवल लंबे समय से राशन नहीं लेने वाले कार्डों तक सीमित नहीं है। SMART-PDS में डुप्लीकेट लाभार्थियों से जुड़े रिकॉर्ड की पहचान और सत्यापन की व्यवस्था भी शामिल है।

सरकारी स्तर पर PDS में तकनीकी प्रणालियों और e-KYC के इस्तेमाल का उद्देश्य लाभार्थी डेटाबेस को साफ-सुथरा रखना और खाद्यान्न वितरण को अधिक लक्षित बनाना है। सरकार पहले भी digitisation और de-duplication के जरिए PDS रिकॉर्ड को अपडेट करने की प्रक्रिया चला चुकी है।

e-KYC की भूमिका होगी महत्वपूर्ण

इस पूरी प्रक्रिया में e-KYC महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की जानकारी के मुताबिक, 30 जुलाई 2026 तक देश में e-KYC कवरेज 90.64 प्रतिशत तक पहुंच चुकी थी। विभाग ने e-KYC आधारित डेटा रिप्लिकेशन और ePOS के जरिए मोबाइल नंबर सीडिंग से जुड़ी नई SOP भी लागू की है।

इसका उद्देश्य लाभार्थियों के रिकॉर्ड को अपडेट रखने के साथ खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।

तकनीकी समस्या या पलायन की वजह से राशन नहीं लेने वालों पर सवाल

नई व्यवस्था को लेकर कुछ विशेषज्ञों ने यह सवाल भी उठाया है कि छह महीने तक राशन नहीं लेने वाले हर व्यक्ति को सीधे निष्क्रिय श्रेणी में रखने से पहले स्थानीय स्तर पर स्थिति की जांच जरूरी हो सकती है।

हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में आजम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर राजेंद्रन नारायणन ने तकनीकी परेशानी, राशन डीलर से जुड़ी दिक्कत, पलायन या परिवार में मृत्यु जैसे कारणों की स्थानीय स्तर पर जांच की जरूरत बताई। यह उनका विश्लेषण है, सरकारी नीति का हिस्सा नहीं।

पात्र लाभार्थियों को क्या करना चाहिए?

अगर किसी परिवार ने पिछले कई महीनों से राशन नहीं लिया है, तो उसे अपने राशन कार्ड की स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए। खास तौर पर e-KYC की स्थिति जांचना उपयोगी रहेगा।

यदि कार्ड नई व्यवस्था के तहत अस्थायी रूप से निष्क्रिय होता है, तो पात्र लाभार्थी को निर्धारित तीन महीने की अवधि के भीतर e-KYC और आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद पात्रता की पुष्टि होने पर राशन लाभ दोबारा सक्रिय किया जा सकता है।

स्थायी रद्दीकरण और अस्थायी निष्क्रियता में अंतर

राशन कार्ड धारकों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि अस्थायी disablement को तत्काल permanent cancellation नहीं समझना चाहिए। नई SOP में पहले अस्थायी रूप से राशन लाभ रोकने और फिर तीन महीने की e-KYC revalidation window देने का प्रावधान है।

इसलिए जिन परिवारों के कार्ड लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुए हैं, उन्हें अपनी स्थिति की जांच करते रहना चाहिए और जरूरत पड़ने पर समयसीमा के भीतर सत्यापन पूरा करना चाहिए।

1 अक्टूबर से शुरू होगी नई व्यवस्था

केंद्र सरकार की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, Silent Ration Cards और Duplicate Beneficiaries से जुड़ी नई SOP की SMART-PDS functionality 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। इसका उद्देश्य PDS डेटाबेस को अपडेट करना और पात्र लाभार्थियों तक खाद्यान्न पहुंचाने की व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करना है।

ऐसे में राशन कार्ड धारकों के लिए सलाह यही है कि वे अपने कार्ड की स्थिति, e-KYC और परिवार के सदस्यों से जुड़े रिकॉर्ड को समय रहते जांच लें, ताकि पात्र होने के बावजूद तकनीकी या सत्यापन संबंधी वजह से राशन का लाभ प्रभावित न हो।

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