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बलिया के शिवचंद्र मदनवाल, 35 सालों में साधु जी की चाट की पहचान आसपास के कई बाजारों तक पहुंच चुकी है. दूर-दूर से भी लोग उनके हाथ की चाट खाने पहुंचते हैं. साधु बताते हैं कि उन्होंने इसी छोटी सी दुकान की कमाई से अपने बच्चों की परवरिश की और उन्हें पढ़ाया-लिखाया. उनकी चार बेटियां और एक बेटा है. बेटियों में किसी को उच्च शिक्षा दिलाकर शादी की, तो किसी को बीएससी, बीकॉम और पॉलिटेक्निक तक की पढ़ाई कराई. छोटी बेटी भी पढ़ाई कर रही है.
बलिया: बलिया जनपद के सिकंदरपुर के रहने वाले शिवचंद्र मदनवाल, जिन्हें लोग साधु जी के नाम से जानते हैं, कभी साधु थे. बाद में उनका भी एक अपना परिवार हुआ और अब वे चाट की दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं. उनकी दुकान पिछले 35 वर्षों से चौराहे पर लोगों को चाट परोस रही है और साथ ही उनके बच्चों के भविष्य को भी संवार रही है. एक छोटी सी दुकान से जो कामयाबी साधु जी ने पाई है, वह कहीं न कहीं सभी के लिए बड़ी प्रेरणादायक है.
शिवचंद्र मदनवाल की दुकान आजाद चाट कॉर्नर के नाम से जानी जाती है, जो सिकंदरपुर मेन चौराहे पर स्थित है. हालांकि इलाके के लोग इसे आज भी ‘साधु जी की पुरानी दुकान’ कहते हैं. यहां टमाटर चाट, टिकिया चाट, छोला, दही बड़ा, बर्गर और चाउमीन जैसे कई व्यंजन मिलते हैं. उनका कहना है कि बच्चों का भविष्य बेहतर हो, इसके लिए वह आज भी लगातार मेहनत कर रहे हैं.
चाट बेचकर बच्चों को दिलाया उच्च शिक्षा
35 सालों में साधु जी की चाट की पहचान आसपास के कई बाजारों तक पहुंच चुकी है. दूर-दूर से भी लोग उनके हाथ की चाट खाने पहुंचते हैं. साधु बताते हैं कि उन्होंने इसी छोटी सी दुकान की कमाई से अपने बच्चों की परवरिश की और उन्हें पढ़ाया-लिखाया. उनकी चार बेटियां और एक बेटा है. बेटियों में किसी को उच्च शिक्षा दिलाकर शादी की, तो किसी को बीएससी, बीकॉम और पॉलिटेक्निक तक की पढ़ाई कराई. छोटी बेटी भी पढ़ाई कर रही है. बेटे को भी पॉलिटेक्निक, आईटीआई और आगे की शिक्षा दिलाई है.
साधु जी की दुकान सिर्फ चाट की दुकान नहीं, बल्कि यह उस पिता की मेहनत की कहानी है जो अपने बच्चों के सपनों के लिए हर दिन पसीना बहा रहा है. उनका संदेश साफ है. काम कोई छोटा नहीं होता, अगर मेहनत बड़ी हो तो उसी काम से बच्चों का भविष्य भी बड़ा बनाया जा सकता है. यहां टमाटर चाट 30 रुपये, टिकिया चाट 20 रुपये और बर्गर 30 रुपये में मिलता है. चाउमीन भी अलग-अलग कीमतों में उपलब्ध है.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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