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दरभंगा टावर की फेमस लस्सी: ₹50 में मलाई-मेवा और केसर का स्वाद, टोकन लेकर लगता है नंबर

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Darbhanga Tower Famous Lassi: दरभंगा टावर की मशहूर लस्सी 50 रुपये में स्वाद और सेहत का संगम है. यह लस्सी अपनी देसी सामग्री, मलाई, मेवे और केसर के साथ कुल्हड़ में परोसी जाती है. शाम को यहां भीड़ उमड़ती है और बिना टोकन के मिलना मुश्किल है. यह शहर की पहचान बन चुकी है.

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दरभंगा: दरभंगा टावर की शाम अपने आप में खास होती है. चौराहे की रौनक, लोगों की भीड़ और बाजार की हलचल यहां के माहौल को अलग पहचान देती है. लेकिन इस रौनक के बीच एक ऐसी चीज है, जो स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले लोगों को भी अपनी ओर खींचती है दरभंगा टावर की मशहूर लस्सी. कहा जाता है कि अगर दरभंगा आए और टावर की इस लस्सी का स्वाद नहीं लिया, तो शहर का सफर कुछ अधूरा-सा रह जाता है.

टावर चौराहे पर एक छोटे से टेबल से दशकों से लस्सी बेचने का सिलसिला जारी है. दुकान भले ही बड़ी नहीं है, लेकिन इसके स्वाद की चर्चा दूर-दूर तक है. यही वजह है कि शाम होते ही यहां लस्सी पीने वालों की भीड़ जुटने लगती है. अपनी बारी के लिए लोगों को टोकन लेना पड़ता है. नंबर आने का इंतजार करना पड़ता है.

सिर्फ 50 रुपये में कुल्हड़ वाली लस्सी
गर्मी के मौसम में इसकी मांग और बढ़ जाती है. महज 50 रुपये में मिलने वाली ठंडी-ठंडी लस्सी गर्मी से राहत देने के साथ स्वाद का भी अलग अनुभव कराती है. टोकन सिस्टम के कारण ग्राहकों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है, लेकिन लस्सी का स्वाद इंतजार को आसान बना देता है.

मलाई, मेवे और केसर का स्वाद
इस लस्सी की खासियत इसका देसी अंदाज है. गाढ़ी दही के साथ मलाई और क्रीम मिलाई जाती है. इसके बाद काजू, पिस्ता, बादाम और केसर से इसे सजाया जाता है. मिट्टी के कुल्हड़ में परोसी जाने वाली लस्सी में देसी स्वाद और खुशबू का एहसास और बढ़ जाता है.

शाम होते ही बढ़ती है भीड़
दरभंगा टावर की यह लस्सी सिर्फ गर्मी में राहत देने वाला पेय नहीं, बल्कि शहर की खान-पान संस्कृति का हिस्सा बन चुकी है. ऑफिस से लौटने वाले लोग हों, कॉलेज के छात्र हों या परिवार के साथ बाजार घूमने निकले लोग कई लोग यहां रुककर लस्सी का स्वाद लेना पसंद करते हैं. छोटी सी जगह से शुरू हुई यह दुकान आज दरभंगा टावर की पहचान से जुड़ चुकी है. यही वजह है कि स्थानीय लोगों के लिए यह लस्सी सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि दरभंगा की शाम और शहर की स्वादिष्ट याद का हिस्सा है.

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Amit Ranjan

अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …

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